क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : यदि आपको भी अनुकम्पा पर नौकरी मिली है और अपनी मां या छोटे भाई-बहनों की देखभाल नहीं कर रहे हैं तो अपनी यह आदत सुधार लीजिए. वरना आप नौकरी से बर्खास्त भी किए जा सकते हैं. ऐसे ही मामले में रांची डीसी राय महिमापत रे ने एक मां की देखभाल नहीं करने वाले अनुकम्पा पर नौकरी कर रहे उनके बेटे को सख्त चेतावनी देते हुए अपनी वेतन का एक तिहाई हिस्सा 15 हजार रुपए हर महीने मां के खाते में देने का निर्देश दिया है. साथ ही जिले भर में अनुकम्पा पर नौकरी कर रहे ऐसे तमाम लोगों को अपनी मां व अन्य आश्रितों का भरण-पोषण करने की हिदायत दी है. ऐसा नहीं करने वाले को नौकरी से बर्खास्त भी किया जा सकता है.

क्या है मामला

डीसी राय महिमापत रे ने बताया कि सदर अंचल में अनुकम्पा पर नौकरी कर रहे राजस्व कर्मी अरविंद कुमार गुप्ता अपनी मां की देखभाल नहीं कर रहे थे. ऐसे में उनकी मां ने मुझ से मिलकर शिकायत की थी. कहा था कि उनके बेटे ने घर से निकाल दिया है. इसके बाद हमलोगों ने इसकी जांच करवाई तो शिकायत सही पाई गई. इसके बाद हमने निर्देश दिया कि जब तक मां जीवित हैं उनके खाते में 15 हजार रुपए या वेतन का एक तिहाई हिस्सा हर महीने देना होगा. इस आदेश का अवहेलना करने पर अनुकंपा पर नौकरी करने वाले की नौकरी भी जा सकती है. अगर कोई भी इस तरह की नौकरी के बाद अपने ऊपर आश्रितों की देखभाल नहीं कर रहा है तो लोग डीसी कार्यालय में आकर शिकायत कर सकते हैं. ऐसे मामले में जिला प्रशासन द्वारा जांच कर कार्रवाई की जाएगी.

अधिकतर छोड़ देते हैं आश्रितों को

बहुत सारे लोग अनुकंपा पर नौकरी पा जाते हैं लेकिन कुछ दिनों के बाद अपने परिवार के लोगों को छोड़ देते हैं. उनके ऊपर जो भी आश्रित मां या छोटे भाई-बहन होते हैं उनकी देखभाल नहीं करते हैं. कई सारे केस में ऐसी भी जानकारी मिली है कि लोग अपनी मां को घर से निकाल देते हैं. उनको कुछ भी पैसा नहीं देते हैं. ना ही उनकी देखभाल करते हैं. साथ ही जो छोटे भाई-बहन होते हैं जो उन पर आश्रित होते हैं उनको भी छोड़ देते हैं. उनके लिए भी कुछ नहीं करते हैं. जबकि अनुकंपा पर नौकरी का मकसद है कि लोग जो उन पर आश्रित हैं उनकी देखभाल करनी है.

ताउम्र मां को देना होगा वेतन

अनुकंपा पर नौकरी पाने वाले लोग अगर अपनी मां या छोटे भाई-बहन की देखभाल नहीं करते हैं तो उनको जो सैलरी मिलती है उसका एक तिहाई हिस्सा उनलोगों को हर महीने देना होगा. इसके तहत छोटे भाई-बहन की जब तक शादी नही होती उनको भी पैसा देना होगा. उसके बाद जबतक मां जीवित रहती हैं उनको हर महीने वेतन का एक हिस्सा देना होगा.

वर्जन

अनुकंपा पर नौकरी पाने वाला कोई भी व्यक्ति अपनी मां, छोटे भाई-बहन का भरण-पोषण नहीं करता है तो डीसी कार्यालय में शिकायत कर सकते हैं. जिला प्रशासन द्वारा जांच करवाकर समुचित कार्रवाई की जाएगी.

-राय महिमापत रे, डीसी, रांची