क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : राजधानी में सफाई व्यवस्था बेपटरी हो गई है. सफाई करने वाली आरएमएसडब्ल्यू की 50 से अधिक गाडि़यां रिपेयरिंग का इंतजार कर रही हैं. इससे सिटी में डोर टू डोर कलेक्शन प्रभावित है. वहीं मुख्य सड़कों से भी कचरा नहीं उठाया जा रहा है. इस वजह से शहर में गंदगी का अंबार लगा है. वहीं लोगों के घरों में भी एक-एक हफ्ते से कचरा नहीं उठाया गया है. अब तो स्थिति यह है कि लोग कचरा रोड पर फेंक रहे हैं. अगर कुछ दिन और घरों में कचरा रह गया तो लोग बीमारी की चपेट में आ जाएंगे. इसके बावजूद रांची नगर निगम एजेंसी पर कोई सख्ती नहीं कर रहा है.

2016 में 134 में गाडि़यां थीं

आरएमसडब्ल्यू ने अक्टूबर 2016 में राजधानी में सफाई का काम संभाला था. इसके बाद से एजेंसी ने गाडि़यों की संख्या बढ़ाई थी. ऐसे में 33 वार्डो में डोर टू डोर कलेक्शन के लिए एजेंसी ने 134 गाडि़यां दी थी. लेकिन वर्तमान में एजेंसी की 50 से अधिक गाडि़यां खराब पड़ी हैं. जिसकी रिपयेरिंग भी नहीं कराई जा रही है.

पांच की जगह एक गाड़ी

वार्डो में कचरा कलेक्शन के लिए 5-5 गाडि़यां दी गई थी. वहीं कुछ वार्डो में जरूरत के हिसाब से 3-4 गाडि़यां भी कलेक्शन कर रही थीं. लेकिन गाडि़यों के खराब हो जाने के कारण एक-दो गाडि़यां ही कचरा उठाने जा रही हैं. इससे पूरा वार्ड भी कवर नहीं हो पा रहा है. वहीं कई इलाकों में तो गाडि़यां आधे रास्ते से ही लौट जा रही हैं.

वीकली भी नजर नहीं आती गाडि़यां

डोर टू डोर वेस्ट कलेक्शन के लिए गाडि़यां हर दिन घर जा रही थी. जहां लोग कचरा गाड़ी में डाल देते थे. लेकिन अब तो हफ्ते में भी गाडि़यां नजर नहीं आ रही हैं. इस वजह से घर में कचरा जमा पड़ा है. इतना ही नहीं, कचरे की दुर्गध से लोग परेशान होकर बाहर फेंक रहे हैं. इससे रोड किनारे भी कचरा जमा होने लगा है.

वर्जन

गाडि़यों की समस्या तो है. ऐसे में हमने भी अपने ट्रैक्टर और कांपैक्टर को सफाई में लगा दिया है. इसके बदले में एजेंसी पर फाइन लगाया जाएगा. वहीं वेस्ट कलेक्शन और कांपैक्टर का डीजल खर्च का पैसा भी एजेंसी से वसूला जाएगा.

संदीप कुमार, इंचार्ज, हेल्थ सेक्शन, आरएमसी