क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : शहर में साफ-सफाई का जिम्मा संभाल रही एमएसडब्ल्यू को नगर निगम की ओर से शुक्रवार को टर्मिनेशन लेटर जारी किया जाएगा. इसके बाद एजेंसी को काम में सुधार लाने के लिए 90 दिनों की मोहलत दी जाएगी. इस दौरान अगर एजेंसी का साफ-सफाई संतोषजनक नहीं पाया गया तो टर्मिनेट कर दिया जाएगा. मालूम हो कि पिछले साल दो अक्टूबर को शहर की साफ-सफाई को लेकर एस्सेल इंफ्रा के साथ एमएसडब्ल्यू के साथ नगर निगम ने करार किया था. पर असंतोषजनक काम को देखते हुए एजेंसी को डिबार भी कर दिया गया था.

एजेंसी को फाइनल अल्टीमेटम

रांची नगर निगम की असिस्टेंट हेल्थ आफिसर डॉ.किरण कुमारी ने बताया कि एमएसडब्ल्यू को फाइनल अल्टीमेटम दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि टर्मिनेशन नोटिस जारी किए जाने के बाद एजेंसी के काम-काज की हर हर सप्ताह रिपोर्ट तैयार की जाएगी. 90 दिनों के बाद इस रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी. अगर उसके साफ-सफाई का काम संतोषजनक नहीं रहेगा तो उसे हटा दिया जाएगा. मालूम हो कि 22 वार्डो में एमएसडब्ल्यू सफाई का काम कर रही है. एजेंसी द्वारा इस बाबत छह मिनी ट्रांसफर स्टेशनों से इन सभी वार्डो को कवर किया जा रहा है.

एजेंसी ने खोला ग्रीवांस सेल

सिटी में सफाई व्यवस्था ध्वस्त होने पर नगर आयुक्त ने एमएसडब्ल्यू के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई थी. उन्होंने एजेंसी को काम में सुधार करने को कहा था. इसके अगले दिन ही एजेंसी ने रांची नगर निगम में अपना ग्रीवांस सेल खोल दिया है. कोई भी व्यक्ति जो सफाई से संतुष्ट नहीं होगा, वह यहां शिकायत दर्ज करा सकता है. इस सेल की मॉनिटरिंग नगर आयुक्त ऑनलाइन करेंगे. इसमें इस बात पर नजर रखी जाएगी कि कितने लोगों ने शिकायत दर्ज कराई और कितनी शिकायतों का निपटारा किया गया.

आश्वासन के बाद काम पर लौटे सफाईकर्मी

इधर, एमएसडब्ल्यू के मोरहाबादी ट्रांसफर स्टेशन के सफाई कर्मियों ने पेमेंट नहीं मिलने के विरोध में गुरुवार को काम बाधित कर दिया. करीब दो घंटे तक उन्होंने साफ-सफाई का कोई काम नहीं किया. इसकी जानकारी मिलते ही एजेंसी के अधिकारी सफाईकर्मियों से वार्ता के लिए पहुंचें. उन्होंने जब पेमेंट जल्द से जल्द करने का आश्वासन दिया तो वे काम पर लौटे.