क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : शहर की साफ-सफाई पर नगर निगम हर दिन 3.44 लाख रुपए खर्च कर रही है, लेकिन हालात जस के तस हैं. जहां-तहां कूड़े-कचरे का अंबार है. नाले-नालियां बजबजा रही हैं. अब मॉनसून भी दस्तक देने को तैयार है. अगर हालात ऐसे ही रहें तो इस शहर में बाढ़ आने से कोई रोक नहीं सकता है. निचले इलाके तो टापू बनेंगे ही, कई और मुहल्ले भी जलमग्न हो जाएंगे. इतना ही नहीं, तथाकथित वीआईपी इलाके भी इससे अछूते नहीं रहेंगे. बारिश से इन इलाकों के भी तालाब बनने की आशंका मंडरा रही है. ये हालात तब हैं जब 600 मजदूर और चार जेसीबी शहर की नालियों की सफाई के काम में लगाई गई है.

पहली बारिश ने खोली पोल

शहर में साफ-सफाई किस कदर बद से बदतर होती जा रही है, इसकी पोल प्री मॉनसून की बारिश ने खोलकर रख दी. पिछले कुछ दिनों के दौरान हुई बारिश में जहां कई इलाकों में जल जमाव की स्थिति पैदा हो गई, वहीं कई मुख्य मार्गो में नाली का गंदा पानी बह रहा था. इतना ही नहीं, नालियां ओवरफ्लो कर रही थी. ऐसे में सहज ही समझा जा सकता है कि अगर नगर निगम समय रहते कारगर उपाय नहीं ढूंढती है तो इस मॉनसून शहर को डूबने से कोई बचा नहीं सकता.

कागजों पर हो रही सफाई

रांची नगर निगम केवल मजदूरों का भुगतान करने में हर दिन लगभग एक लाख 44 हजार रुपए खर्च कर रहा है. वहीं, ट्रैक्टर में डीजल और ड्राइवर के लिए दो लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं. इसके बावजूद शहर की नालियां जाम हैं. ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि केवल कागजों पर ही नालियों की सफाई हो रही है.

स्लैब काटने का काम शुरू ही नहीं

सिटी में हजारों मीटर कवर्ड नालियों का निर्माण कराया गया है, लेकिन सफाई करने के लिए कहीं भी जगह नहीं छोड़ी गई है. इसके लिए दो स्लैब कटर मशीन मंगाई गई. लेकिन आजतक कहीं भी स्लैब काटने का काम शुरू नहीं हो पाया. अब 12 जून तक मानसून आ जाएगा तो स्लैब काटने का काम ही नहीं हो पाएगा. इससे एकबार फिर शहर के कई इलाकों में जल जमाव की समस्या से लोगों को जूझना पड़ेगा.

कई इलाकों से कूड़ा भी नहीं उठ रहा

एक तो नालियों की सफाई नहीं हो रही है. वहीं कचरे का उठाव भी बंद हो गया है. अगर यही स्थिति रही तो इस बार पूरा शहर ही नर्क बन जाएगा. कई इलाकों में तो महीने भर से कचरे का उठाव नहीं हुआ है. इसकी कंप्लेन पार्षदों ने असिस्टेंट हेल्थ आफिसर से भी की है. इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है.

छोटे नालियों की नहीं हो पाई सफाई

सिटी की मुख्य सड़कों के अलावा अंदर की गलियों और मोहल्लों में भी नालियां हैं. नगर निगम का दावा है कि बड़े नालों की सफाई का काम पूरा हो चुका है. लेकिन स्थिति देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि सफाई के नाम पर केवल आईवॉश किया गया. छोटी नालियों की आजतक सफाई ही शुरू नहीं हुई है.

12 जून को मॉनसून की होगी एंट्री

सिटी में प्री मानसून की बारिश लगातार हो रही है. मौसम विभाग की मानें तो अगले दो दिनों झारखंड में मानसून की एंट्री हो जाएगी. वहीं पुर्वानुमान में बताया गया है कि मॉनसून के शुरुआत में एक हफ्ते तक बारिश होगी. ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर की क्या स्थिति होगी.