क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: लोक आस्था के पर्व छठ पूजा को सर्वोत्तम पवित्र पर्व माना जाता है. शुद्धता और श्रद्धा के प्रतीक छठ में प्रसाद से लेकर तमाम क्रियाओं में खास सावधानी बरती जाती है. सूर्य की आराधना के इस पर्व में खान-पान, संयम साधना का अनूठा मिश्रण होता है. इसके लिए जरूरी है कि जो भी घर में खाद्य सामग्री बने उसमें शुद्धता हो. बाजार में आटा मिल में इन दिनों काफी भीड़ रहती है. आटा मिल मालिक ने रात में ही आटा चक्की की धुलाई कर दी है ताकि छठव्रतियों को शुद्ध आटा पिसकर दे सकें.

4 रुपए किलो पिसाई

छठव्रतियों के लिए आटा मिल साफ होकर तैयार हैं. आटा मिल में कोई छठ व्रतियों के लिए नि:शुल्क गेहूं की पिसाई कर रहा है तो कोई किफायती दामों में. अमूमन पूरे शहर में गेहूं पिसाने का रेट 4 रुपए प्रति किलो की दर से है.

क्या कहते हैं आटा मिल मालिक

छठ पूजा में तीन दिन पहले ही आटा चक्कियों को शुद्ध पानी से धो लेते हैं ताकि छठ व्रत की पवित्रता की परंपरा बनी रहे. रात में सफाई कर ली गई है. आज से छठ व्रतियों के लिए गेहूं की पिसाई की जाएगी.

-यीशु कुमार

छठ पूजा एक महान पर्व है. इस पर्व पर हम सबका फर्ज है कि छठव्रतियों की पवित्रता को बनाये रखने में सहयोग करें. इसलिए आटा चक्की की साफ-सफाई करते हैं और दो दिनों तक गेहूं की पिसाई की जाती है.

-राजेश, शारदा आटा मिल