क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: रांची यूनिवर्सिटी में छात्र संघ के चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी शुरू हो गई है. करीब दो साल बाद हो रहे चुनावों के लिए रांची यूनिवर्सिटी ने कोर कमिटी का गठन कर दिया है, जिसमें डीएसडब्ल्यू डॉ पीके वर्मा को चेयरमैन बनाया गया है. कुल पांच सदस्यीय टीम की कोर कमिटी को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे अपनी देखरेख में चुनाव संपन्न कराएं और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित कराएं. छात्र संघ के चुनाव लिंगदोह कमिटी द्वारा निर्धारित नियमों के आधार पर देश के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में संपन्न कराया जाता है.

एडमिशन की फाईनल लिस्ट का इंतजार

वर्तमान में आरयू और अन्य यूनिवर्सिटीज में एडमिशन की प्रक्रिया चल रही है. एडमिशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जो विश्वविद्यालय की ओर से एडमिशन की सूची जारी की जाएगी, उसे ही वोटर लिस्ट माना जाएगा. इसके बाद छात्रों को गोलबंद करने के लिए रेस शुरू होगी. हालांकि कई छात्र नेताओं ने इसके लिए कसरत शुरू कर दी है. रांची विवि कॉलेज स्तर पर प्रत्यक्ष व विवि स्तर पर अप्रत्यक्ष चुनाव होगा. कॉलेज स्तर पर अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, संयुक्त सचिव व उप सचिव पद के लिए चुनाव होगा. चयनित प्रतिनिधि विवि स्तर पर छात्र संघ प्रतिनिधि का चयन करते हैं.

दो साल बाद चुनाव

रांची यूनिवर्सिटी में दो वर्षो के उपरांत छात्र संघ का चुनाव हो रहा है. बता दें कि रांची विश्वविद्यालय में पिछला छात्र संघ चुनाव वर्ष 2016 में हुआ था. इसके बाद वर्ष 2017 में विवि प्रशासन ने छात्र संघ चुनाव की घोषणा की थी. चुनाव की तिथि भी घोषित कर दी गई थी पर अंतिम समय में चुनाव स्थगित कर दिया गया. उस वक्त यह कहा गया कि विवि में पीजी में 67 हजार स्टूडेंट्स की नामांकन प्रक्रिया चल रही है, इस कारण स्टूडेंट्स चुनाव प्रक्रिया में भाग नहीं ले पाते. लिहाजा विश्वविद्यालय को चुनाव स्थगित करना पड़ा. बाद में विवि प्रशासन द्वारा जनवरी 2018 में चुनाव कराने की बात कही गई थी पर जनवरी में भी चुनाव नहीं हो पाया.