- प्रति घंटे दो सेमी की रफ्तार से बढ़ रही है राप्ती

- डीएम ओएन सिंह ने बांसगांव में फ्लड अफेक्टेड एरियाज का किया इंस्पेक्शन

- कैंपियरगंज, खजनी और सहजनवां तहसील के करीब 36 गांव पानी से घिरे

GORAKHPUR: राप्ती की रफ्तार ने शहर के करीब बसे आधा दर्जन गांवों को अपनी चपेट में ले लिया है. राप्ती की बढ़ने की रफ्तार 2 सेमी प्रति घंटा है. वहीं आसपास के इलाकों में बाढ़ का कहर बरपा होने लगा है. लगभग 36 गांव पानी से घिर चुके हैं. नेपाल में हो रही बारिश और उत्तराखंड में बादल फटने की वजह से राप्ती, घाघरा के साथ रोहिन भी लगातार बढ़ती जा रही है.

रिसाव नहीं हो सका बंद

पिछले 96 घंटों से डोमिनगढ़ रेग्युलेटर से रिस रहे पानी का सिलसिला गुरुवार को भी जारी रहा. सिंचाई विभाग की लाख कोशिशों के बाद भी पानी का दबाव और बहाव कम नहीं हो सका. इस दौरान विभाग की ओर से लगाई गई प्लाई भी पानी के दबाव से टूटने लगी है, इससे पानी काफी तेजी से रिसकर शहर का रुख करने लगा है. जिस तरह से पानी बढ़ रहा है, उससे सिंचाई विभाग के साथ जिम्मेदारों के माथे पर बल पड़ गया है.

शहर के इन मोहल्लों में मुसीबत

बहादुर शाह जफर कॉलोनी, पिपरापुर, मोहनलालपुर, बहरामपुर की ओर आने लगा है. इससे आसपास के लोग काफी डरे सहमे हुए हैं.

शहर से जुड़े ये गांव जद में

सहायक नदियां भी तेजी पर

पिछले दो दिनों से राप्ती की सहायक नदी रोहिन काफी तेजी से बढ़ रही है, इसकी वजह से राप्ती के बढ़ने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है. राप्ती में बढ़त की वजह से नौ गांव जलमग्न हो चुके हैं. इसमें कैंपियरगंज, खजनी और सहजनवां तहसील के करीब तीन दर्जन गांव पानी से घिर गए हैं. इसमें कैंपियरगंज के 5 और सहजनवां का एक गांव पूरी तरह से डूब गए हैं. इतना ही नहीं अभी जिस तरह से राप्ती का जलस्तर बढ़ रहा है, उससे साफ है कि आगे यह नदी कई और गांव को अपनी आगोश में ले लेगी.

सिर्फ एक मीटर नीचे है रोहिन

राप्ती का जलस्तर सभी जगह बढ़ रहा है. हालत यह है कि कुछ जगह राप्ती ने खतरे का निशान पार कर लिया है, तो वहीं कुछ जगह से यह बस इसे छूने ही वाली है. बुधवार को डोमिनगढ़ रेलवे ब्रिज के पास वॉनिंग लेवल पार कर चुकी रोहिन यहां डेंजर लेवल से महज एक मीटर नीचे बह रही है. इसके जलस्तर में भी लगातार बढ़त का सिलसिला जारी है. वहीं नौसढ़ पुल के पास स्थित बैकुंठधाम में भी पानी भरने लगा है और इसकी सीढि़यां डूबने लगी हैं.

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डीएम ने लिया बांसगांव का जायजा

बाढ़ के बनते हालात को देखने हुए डीएम ओएन सिंह ने फ्लड अफेक्टेड एरियाज का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने जिम्मेदारों को एक्टिव रहने के निर्देश दिए. डीएम ने बताया कि बांसगांव में पानी तो आ गया है, लेकिन वहां लोगों के घर बांध के बराबर ऊंचाई पर हैं, इसलिए अभी वहां कोई दिक्कत नहीं है. फिर भी एहतियात के तौर पर वहां बाढ़ चौकी को एक्टिव कर दिया गया है. वहीं नाव की भी व्यवस्था कर दी गई है, जिससे लोगों को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े.

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फैक्ट्स फीगर

वर्षा - 273.28 एमएम

प्रभावित तहसील की संख्या - 3

प्रभावित तहसील का नाम - कैंपियरगंज, सहजनवां, खजनी

प्रभावित गांव की संख्या - 36

मैरूंड गांव की संख्या - 3 (कैंपियरगंज - 5, सहजनवां - 1)

प्रभावित जनसंख्या - 2580

कुल प्रभावित क्षेत्रफल - 1297.76 हेक्टेयर

प्रभावित कृषियोग्य भूमि - 1225.68 हेक्टेयर

बोया गया प्रभावित क्षेत्रफल - 898.68

राहत और बचाव

स्थापित बाढ़ चौकियों की संख्या - 15

राहत में लगाई गई नाव - 13

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बांसगांव का इंस्पेक्शन करने गया था. वहां अभी हालात ठीक हैं. बाढ़ चौकियों का अलर्ट कर दिया गया है. वहीं नाव की भी व्यवस्था कर दी गई है. डोमिनगढ़ में सिंचाई विभाग की टीम लगी है. उन्होंने देर रात तक पानी रोक लेने का आश्वासन दिया है. जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा.

- ओएन सिंह, डीएम, गोरखपुर