श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट मैच में मैन ऑफ  द मैच रहे ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा को आईसीसी के जरिए एक टेस्ट मैच का बैन झेलना पड़ा है। इसके बाद सोमवार को ट्विटर के जरिए उन्होंने फिल्मी अंदाज में अपना दर्द बयां किया। जडेजा ने सोमवार को बॉलीवुड फिल्म 'दिलवाले’ का एक डॉयलाग ट्वीट किया कि 'हम शरीफ  क्या हुए, पूरी दुनिया ही बदमाश हो गई।’ गौरतलब है कि आईसीसी के कोड ऑफ  कंडक्ट के उल्लंघन की वजह से नंबर 1 टेस्ट गेंदबाज जडेजा को अगले टेस्ट से सस्पेंड किया गया है। जडेजा के इस ट्वीट से साफ है कि वो आईसीसी के फैसले से आहत हैं।

जारी रहेगी निगरानी
इस सस्पेंशन के बाद भी जडेजा के खाते में 6 डिमेरिट प्वॉइंट (निगेटिव प्वॉइंट्स) डिसिप्लिन रिकॉर्ड में रहेंगे। आगे 24 महीने में यह संख्या 8 या उससे ज्यादा हो जाती है तो यह चार सस्पेंशन प्वॉइंट्स में तब्दील हो जाएगा। यह चार सस्पेंशन प्वॉइंट्स दो टेस्ट या चार वनडे या चार टी-20 इंटरनेशनल मैच पर बैन के समान होते हैं। इनमें से जो भी खिलाड़ी पहले खेलेगा उससे उसे सस्पेंड किया जा सकता है।

24 महीने में 6 डिमेरिट प्वॉइंट्स
कोलंबो टेस्ट समेत पिछले 24 महीने में जडेजा के खिलाफ  डिमेरिट प्वॉइंट्स 6 तक पहुंच गया था, जिसके बाद आईसीसी ने जडेजा के खिलाफ यह एक्शन लिया। आईसीसी ने कार्रवाई के तौर पर मैच फीस का 50 परसेंट जुर्माना के अलावा तीन डिमेरिट प्वॉइट उन पर लगाए हैं।

रविंद्र जडेजा ने उड़ेला दर्द,हम शरीफ क्या हुए,पूरी दुनिया ही बदमाश हो गई’

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क्या हुआ था
?
कोलंबो टेस्ट के तीसरे दिन, जब श्रीलंका की टीम दूसरी पारी में फॉलोऑन खेलने उतरी तो उनकी पारी के 58वें ओवर में रवींद्र जडेजा ने अपने फॉलो थ्रू में गेंद को फील्ड करके क्रीज पर मौजूद श्रीलंकाई बल्लेबाज दिमुथ करुणारत्ने पर गैरजरूरी थ्रो कर दिया, जबकि बल्लेबाज ने रन लेने प्रयास भी नहीं किया था। जडेजा को आईसीसी की धारा 2.2.8 के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। इसका साफ  मतलब यह है कि अनुचित या खतरनाक तरीके से किसी भी खिलाड़ी, खिलाड़ी के सपोर्टर, अंपायर या मैच रेफरी की ओर गेंद या कोई अन्य डिवाइस जैसे पानी की बोतल वगैरह फेंकना गलत है. इससे पहले जडेजा पर कोड ऑफ कंडक्ट की धारा 2.2.11 के उल्लंघन के मामले में अक्टूबर 2016 में न्यूजीलैंड के खिलाफ  इंदौर टेस्ट के दौरान 50 परसेंट फीस के जुर्माने के साथ तीन डिमेरिट प्वॉइट लगाए गए थे। तब जडेजा को दो बार अनौपचारिक और एक आधिकारिक चेतावनी भी दी गई थी। वह चौथी बार पिच में सुरक्षित क्षेत्र में घुसे और उसे नुकसान पहुंचाया।

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क्या आईसीसी ने लिया कड़ा फैसला?
एक्सपट्र्स की मानें तो जडेजा पर आईसीसी का यह फैसला कुछ ज्यादा ही कड़ा है, क्योंकि बीते कुछ वर्षों में क्रिकेट के मैदान पर खिलाडिय़ों ने इससे भी ज्यादा आक्रामक तेवर दिखाए हैं। हाल ही में इंग्लैंड में खेली गई चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पाकिस्तानी पेसर मो। आमिर ने इंडियन बैट्समेन रोहित शर्मा और विराट कोहली को आउट करने के बाद बेहद आक्रामक तरीके से रिएक्शन दिया था। इसी तरह कुछ मैचों में खिलाडिय़ों के बीच तूतू-मैंमैं की कई घटनाएं सामने आईं, लेकिन तब आईसीसी ने कोई कदम नहीं उठाया। जहां तक जडेजा का सवाल है तो वो मैदान पर नियम भले ही तोड़ते रहे हों, लेकिन दूसरी टीमों के खिलाडिय़ों के साथ ज्यादा आक्रामक तरीके से पेश नहीं आते। वहीं जिस तरह का थ्रो उन्होंने किया, वे अक्सर इस तरह थ्रो करते रहे हैं। कुछ एक्सपट्र्स का ये भी दावा है कि रेवेन्यू शेयरिंग को लेकर जिस तरह बीसीसीआई ने आईसीसी के सामने तेवर कड़े रखे थे, उसी से नाराज होकर इंडिया के खिलाफ इस तरह के फैसले लिए जा रहे हैं। वहीं कुछ एक्सपर्ट्स ये भी मानते हैं कि टीम मैनेजमेंट को आईसीसी के इस फैसले के खिलाफ अपील करनी चाहिए।

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