राहत मिलेगी
आरबीआई ने हालिया बयान दिया था कि 30 दिसंबर 2016 तक पुराने पांच सौ और एक हजार के नोटों से पांच हजार से ऊपर की रकम एक बार जमा करा सकते हैं। इसके साथ ही यह भी था कि इस दौरान लोगों को बैंक को ये बताना भी होगा कि उन्होंने पहले ये पैसे क्‍यों नहीं जमा किए थे, लेकिन आज फिर वह नियम बदल गया है। आरबीआई ने अपना ये सर्कुलर वापस ले लिया है। जिससे अब लोग आसानी से कई बार पुराने पांच सौ और एक हजार के नोटों से पांच हजार से ऊपर की राशि जमा कर सकते है। आरबीआई के इस यूटर्न से अब केवाईसी खाता धारकों को बड़ी राहत मिलेगी।

पांच हजार रुपये से ज्‍यादा के पुराने नोट बैंक में जमा कराना अब हुआ मुश्किल, जानें सरकार का नया आदेश

स्‍पष्‍टीकरण दिया

बतादें कि स्वराज इंडिया चीफ योगेंद्र यादव कल अचानक से चर्चा में आ गए है। जी हां वह कल मंगलवार को को कुछ पुराने नोट लेकर बैंक में जमा कराने गए। इस दौरान सरकार के नोटबंदी वाले नए नियम के मुताबिक पुराने नोटों में बड़ी रकम जमा करने पर उन्‍हें भी कारण बताना पड़ा। जिसमें योगेंद्र यादव ने वहां पर अपना स्‍पष्‍टीकरण दिया। हालांकि उनका कहना था कि वह उन्हें इसके लिए अलग से कोई खास कारण बताने की जरुरत नही है।

सरकार का बड़ा कदम, सैलरी नियमों में संशोधन अध्‍यादेश कैबिनेट से पास

कोई हड़बड़ी नहीं

योगेंद्र यादव ने लिखा कि मैंने आठ नवंबर के बाद से अपने खाते में नकद राशि नहीं जमा की है। मैं बैंकों के सामने लगी लाइन के छोटे होने का इंतजार कर रहा था। मैने देश के पीएम नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री अरुण जेटली और आरबीआई पर विश्‍वास किया। इन लोगों ने भरोसा दिलाया था कि पैसे जमा करने की कोई हड़बड़ी नहीं है क्‍योंकि अभी 30 दिसंबर तक का समय है। जिससे अब मुझे किसी तरह के स्पष्टीकरण देने की जरुरत नहीं लग रही है।

देखिए, पटाखा बाजार की आग ने कैसे सेकेंडों में खाक कर दिया मैक्‍सिको का पूरा एक बाजार

विरोध कर रहे

अपना पैसा डिपॉजिट करवाने के बाद योगेंद्र यादव ने इस अपने इस छोटे से खत को सोशल मीडिया पर भी पोस्‍ट किया। यह खत फेसबुक व ट्वीटर आदि पर ट्रेंड कर रहा है। ऐसे में में लोग इस पर अपने-अपने हिसाब से कमेंट कर रहे हैं। कुछ लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कदम का समर्थन तो कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं।

Business News inextlive from Business News Desk

Business News inextlive from Business News Desk