गौरतलब है कि मोहाली के तीसरे वन-डे मैच में ईशांत शर्मा के आठवें ओवर में 30 रन बनने के बाद ये मुकाबला भारत के हाथ से निकल गया. वह काफ़ी ख़र्चीले गेंदबाज़ भी साबित हुए. टीम मैच में  चार विकेट से हार गई.

मनिंदर ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि  ईशांत के साथ कुछ समस्या जरूर है, जिसके कारण वह मैचों में अपना सौ फीसदी प्रदर्शन नहीं कर पाते.

बकौल उनके,'' भारतीय टीम को दक्षिण अफ्रीका और न्यूज़ीलैंड का दौरा करना है, इसके बाद टीम इंग्लैंड जाएगी, जहां के विकेट्स उनके लिए मददगार होंगे, फिर उन पर इतना इनवेस्ट किया जा चुका है कि ड्रॉप नहीं कर सकते. इसके लिए तीनों देशों का दौरे का इंतजार किया जाएगा.''

' गेंदबाज़ों की हालत खराब'
मौजूदा भारत-आस्ट्रेलिया सीरीज में दोनों ही टीमों के गेंदबाज़़ों का बुरा हाल है, मनिंदर कहते हैं, "गेंदबाज़ों की हालत इसलिए ख़राब है क्योंकि भारत में बैटिंग विकेट हैं, जिनपर गेंदबाज़ों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं. "

गेंदबाज़ों के ज्यादा रन देने के पीछे वह एक और वजह देखते हैं. उनके अनुसार, " वन-डे के नए नियम से मुश्किलें बढी हैं. इसमें पांच क्षेत्ररक्षकों को घेरे में रखना होता है, केवल चार ही बाहर रखे जा सकते हैं, ऐसे में समझ में नहीं आता कि क्षेत्ररक्षकों को कहां लगाएं औऱ कहां नहीं. "
ईशांत शर्मा को ड्राप करना क्यों है मुश्किल ?
वह कहते हैं कि टी20 का प्रभाव भी वन-डे में आ रहा है.  टी20 क्रिकेट के आने के बाद बॉलर्स का हश्र और भी बुरा होने लगा है. ख़ासतौर पर भारत सरीखे बैटिंग विकेट्स पर.

'ये बेहतरीन ख़िलाड़ी हैं'
मौजूदा सीरीज के बाकी बचे चार वन-डे मैचों के लिए टीम में बदलाव नहीं किये जाने पर उन्होंने कहा, "मुझे लग रहा था कि बदलाव नहीं होंगे, अगर होंगे तो केवल प्लेइंग इलेवन में होंगे. ये बेहतरीन खिलाड़ी हैं हिन्दुस्तान के, जिन्हें भारतीय चयनकर्ताओं ने चुना है. "

उन्हें लगता है कि चयनकर्ताओं की ये सही रणनीति है, क्योंकि इससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ता है. उन्हें लगता है कि वो देश के अच्छे खिलाड़ी हैं.

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