- इससे पहले जुलाई में सर्वाधिक बारिश 2010 में हुई थी

अब तक जुलाई में सर्वाधिक 487 मिमी बारिश 1966 में दर्ज हुई थी

DEHRADUN : जुलाई की बारिश ने बुधवार को पिछले छह सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया. देर रात से बुधवार दोपहर तक शहर में 160 मिमी बारिश हुई. इसमें 110 मिमी बारिश 7 बजे से 11 बजे के बीच हुई. पिछले साल जुलाई में सर्वाधिक बारिश 23 जुलाई को 78.3 मिमी दर्ज की गई थी. पिछले 6 सालों में जुलाई के महीने में एक दिन में सबसे कम बारिश 2014 में 69.2 मिमी दर्ज की गई थी.

किस दिन कितनी बारिश

28 जुलाई 2011 119.3 मिमी

14 जुलाई 2012 89.2 मिमी

8 जुलाई 2013 129.4 मिमी

14 जुलाई 2014 69.9 मिमी

11 जुलाई 2015 114.7 मिमी

23 जुलाई 2016 78.3 मिमी

12 जुलाई 2017 168.0 मिमी

जुलाई में कुल बारिश

2011 788.7 मिमी

2012 598.0 मिमी

2013 707.2 मिमी

2014 490.5 मिमी

2015 566.0 मिमी

2016 549.1 मिमी

2017 313.2 मिमी (अब तक)

ख्8 प्रतिशत ज्यादा बारिश

दून में इस साल मानसून क्0 दिन की देरी से पहुंचा था, लेकिन मानसून आने के बाद से अच्छी बारिश हो रही है. बुधवार को हुई बारिश को बहुत भारी की श्रेणी में रखा गया है. इससे पहले सोमवार को भारी बारिश दर्ज हुई है. अभी तक दून में सामान्य से ख्8 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है. हालांकि मौसम विभाग का कहना है अभी एसेस्मेंट कंपलीट नहीं हुआ है.

आपदा संबंधी म्0 से ज्यादा घटनाएं

बुधवार को हुई भारी बारिश के कारण जिले में आपदा से संबंधित म्0 से अधिक शिकायतें आपदा कंट्रोल रूम को मिली. इनमें सड़कें बंद होना, घरों को नुकसान, दीवारें गिरना, घरों में पानी घुसना, सड़कों पर जल भराव होना जैसी समस्याएं शामिल थीं. राजेन्द्र नगर में एक परिवार के तीन मवेशी भी पानी में बहे.

फ्फ् सड़कें पूरी तरह बंद

दिल्ली-देहरादून और देहरादून-मसूरी जैसे मुख्य मार्ग भी कई घंटे बंद रहे. दिल्ली मार्ग देर शाम खोला जा सका, जबकि मसूरी मार्ग शाम तक कई बार खोला गया और फिर बंद होता रहा. जिले में बारिश के कारण शाम तक कुल फ्फ् सड़कें पूरी तरह बंद थी. इनमें कई ऐसे सड़कें ऐसी हैं, जिनका बड़ा हिस्सा बह गया है. ऐसी सड़कों पर यातायात बहाल करने में लंबा समय लग सकता है.

कहां कितनी सड़कें बंद

साहिया क्9

चकराता 0ख्

ऋषिकेश 0भ्

कालसी 0भ्

देहरादून 0ख्

डीएम खुद बैठे कंट्रोल रूम में

भारी बारिश के बाद जिले में पैदा हुई स्थिति के कारण जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के हाथ-पांव दिन भर फुले रहे. एक के बाद आ रही एक सूचना के कारण जिला कंट्रोल रूम में भी अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही. शाम को डीएम ने खुद कंट्रोल रूम में पहुंच कर मॉनिटरिंग की. वे देर शाम तक कंट्रोल रूम से स्थिति का जायजा लेते रहे.

आज राहत की उम्मीद

मौसम विभाग ने गुरुवार को बारिश से राहत मिलने की उम्मीद जताई है. दून में आमतौर पर बादल छाये रहने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना जताई है. राज्य के अन्य हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. फिलहाल कहीं भी भारी बारिश होने की संभावना नहीं है.