- गुलरिहा में तैनात सिपाही ने खोली पोल, मचा हड़कंप

- हर थाने पर कुछ खास सिपाहियों के हाथ में रहती पूरी कमान

GORAKHPUR: जिले के थानों पर कारखासों का वर्चस्व कायम है। थाने पर तैनात तीन-चार सिपाहियों के इशारे पर पूरा थाना घूमता है। थानेदार के खास कांस्टेबल्स की हुकूमत चलने की शिकायत एसएसपी तक पहुंची है। गुलरिहा में तैनात सिपाही की शिकायत पर एसओ को जमकर फटकार लगी। अवैध कारोबार को बढ़ावा देने वाले सिपाहियों को संरक्षण देने में एसओ की खूब फजीहत हुई। शिकायत करने वाले सिपाही को थाना से हटा दिया गया है। लेकिन एक बार फिर से कारखासों की करतूते उजागर हुई हैं। एसएसपी का कहना है कि पुलिस की छवि खराब करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

फटकार के बाद निकले थानेदार

गुलरिहा थाना पर तैनात दो सिपाहियों की करतूत ने एसओ की फजीहत कराई। कहा जा रहा है कि दोनों सिपाहियों की शह पर क्षेत्र में कई जगहों पर अवैध शराब का कारोबार चल रहा था। इसका विरोध एक सिपाही ने किया तो उसका जबरन तबादला करा दिया गया। ट्रांसफर से आहत सिपाही गुरुवार को एसएसपी से मिलने पहुंच गया। सिपाही ने एसएसपी को बताया कि किस तरह से कारखासों की शह पर अवैध कारोबार चल रहा है। नाराज कप्तान ने जब एसओ को फटकार लगाई तो शुक्रवार की सुबह कार्रवाई शुरू हो गई। चार बजे भोर में ही पुलिस टीम एक्टिव होकर अवैध शराब का कारोबार बंद कराने पहुंच गई। गुलरिहा एरिया में दिनभर अभियान चलता रहा। शाम तक करीब छह सौ कुंतल महुआ लहन की बरामदगी हुई। आरोप है कि एसओ के कारखास सिपाही थाना क्षेत्र का संचालन संभालते हैं। एक नेता के करीबी दोनों सिपाहियों की हलका में कोई डयूटी नहीं लगती।

हर थाने पर चलता ऐसा खेल

गुलरिहा का मामला सामने आने पर एसएसपी को इस बात की जानकारी हुई कि हर थाने पर इस तरह का खेल चलता है। थाना प्रभारी के करीबी चार-पांच सिपाही पूरा मामला संभालते हैं। थाना क्षेत्र की अवैध कमाई से लेकर हर तरह की व्यवस्था संभालने की इनकी जिम्मेदारी होती है। इसके बदले में सिपाहियों को पिकेट, गश्त या अन्य ड्यूटी नहीं करनी पड़ती। थानेदार से बेहतर लाइजनिंग होने की वजह से कारखास सिर्फ फायदे वाले काम करते हैं। इनका मेन काम वसूली करना ही होता है। कारखास सिपाहियों की हालत ऐसी होती है एसएसपी ऑफिस से जारी तबादला लिस्ट भी उनके लिए बदल जाया करती है।

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