agra@inext.co.in
AGRA
. एससी-एसटी आयोग अध्यक्ष व सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया के समधी के घर में आग लगा दी गई. मेनगेट को बाहर से बंदकर परिवार को जिंदा जलाने का प्रयास किया. बुधवार देररात लगाई आग में परिवार ने पड़ोसियों की मदद से खुद की जान बचाई. छत से कूदने के दौरान कई सदस्य घायल हो गए. घायलों को एमजी रोड स्थित हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया. मौके पर आयोग अध्यक्ष समेत आला अधिकारी पहुंच गए. आग लगाने वाला सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया. पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है.

पांच साल पहले लिया मकान
सांसद की भतीजी की आवास विकास कॉलोनी में ससुराल है. सांसद के समधी बैजनाथ सिंह मूलरूप से मैनपुरी के रहने वाले हैं. साल 2014 में थाना मंटोला से एचसीपी के पद से रिटायर्ड हुए. पहले परिवार सेक्टर-8 में रहता था. पिछले पांच साल से परिवार सेक्टर-11 बी, 158 एमआईजी में रह रहा है. परिवार में बैजनाथ के अलावा पत्नी पुष्पा कठेरिया, बेटा कमल व पुत्रवधू उमा के अलावा सात महीने का नाती पार्थ है. बेटा कमल बीटीसी कर रहा है.

रात में अचानक से लगी आग
बुधवार रात करीब 1:35 बजे मकान में आग लग गई. पुत्रवधू उमा बेटे को दूध देने के लिए उठी तो घर में धुआं और आग की लपटें देखीं. शोर मचाने पर परिवारीजन जाग गए. कोई कुछ समझ नहीं पाया कि आग कैसे लग गई. सारे मकान में धुआं भर गया. सभी का दम घुटने लगा. मेनगेट बाहर से बंद था. चीखपुकार सुन पड़ोस में भी जगार हो गई.

बचाने को लगाई गई सीढ़ी
बचने के लिए परिवार ने छत पर दौड़ लगा दी. बेटे कमल ने सबमर्सिबल चलाकर पानी डालने का प्रयास किया, लेकिन आग की लपटों ने उसे घेर लिया. वहीं, पड़ोसियों ने मकान के पीछे सीढ़ी लगाकर परिवार को बचाने की कोशिश शुरु की, लेकिन सीढ़ी दीवार से छोटी निकली. छत की दीवार के सहारे उतरने में परिजनों के हाथ पैर फूल रहे थे, लेकिन दूसरी तरफ मौत दिखाई दे रही थी. आनन-फानन में परिवार के सदस्य दीवार पर चढ़कर सीढ़ी की तरफ बढ़े तो उस पर खिसकते हुए तेजी से नीचे की तरफ गए. नीचे पड़ोसी खड़े थे जो उन्हें सम्भाल रहे थे.

परिवार के सदस्य हुए घायल
बैजनाथ सिंह के मुताबिक छत से नीचे उतरने में पुत्रवधू उमा की रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई है. नाती के पीठ, कान, हाथ-पैर झुलस गए. पत्नी पुष्पा के भी चोट आई है. सभी को एमजी रोड स्थित हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया. बैजनाथ भी घटना में चोटिल हो गए. घर में लगी आग की सूचना पर फायर विभाग की दो दमकल पहुंच गई. दो घंटे में आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक लाखों रुपये का माल स्वाहा हो चुका था. आग लगाने वाला पड़ोसी के सीसीटीवी में आग लगाता हुआ कैद हो गया. आग में पालतू श्वान मौत की भेंट चढ़ गया.