- 48 घंटे में सफाई नहीं होने पर डीएम व नगर आयुक्त के खिलाफ होगी कार्रवाई

- हाई कोर्ट ने पूछा, सफाई कर्मी हड़ताल पर हैं तो क्या सफाई नहीं कराएगा नगर निगम

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नैनीताल : हाई कोर्ट ने दून में कूड़ा निस्तारण व अव्यवस्थाओं को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर सार्वजनिक स्थानों, फुटपाथ, शैक्षणिक संस्थानों व अस्पतालों में कूड़ा निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही चेतावनी भी दी है कि यदि 48 घंटे में सफाई नहीं हुई तो डीएम व नगर आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

निगम ने दी कोर्ट में सफाई

कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि अगर सफाई कर्मचारी हड़ताल पर होंगे तो क्या नगर निगम सफाई नहीं करेगा. देहरादून निवासी जतिन सब्बरवाल ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि पिछले 10-12 दिनों से देहरादून में सड़क किनारे, मुख्य चौराहों, गली मोहल्लों में नगर निगम सफाई नहीं करा रहा है, जिससे शहर में कूड़े के ढेर लग गए हैं. बीमारियों के फैलने का खतरा पैदा हो गया है. नगर निगम, राज्य सरकार, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई. इस पर नगर निगम के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से कूड़ा नहीं उठ पाया है, अब हड़ताल खत्म होने के बाद कूड़ा निस्तारण तेजी से किया जा रहा है. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ में मामले की सुनवाई हुई.