कोलंबस (यूएस) (मिड-डे)। अमेरिका में ऑहियो राज्य से एक बड़ी घटना सामने आई है। मिड-डे के मुताबिक, ऑहियो में सरकारी डॉक्टर ने लगभग दो दशकों में कम से कम 177 पुरुष छात्रों का यौन शोषण किया। दिलचस्प बात यह है कि उसके साथ काम करने वाले अन्य अधिकारियों को पता था कि वह क्या कर रहा है लेकिन उसे किसी ने भी रोकने की कोशिश नहीं की। इस बात का खुलासा शुक्रवार को जारी एक जांच रिपोर्ट में हुआ है। डॉ. रिचर्ड स्ट्रॉस ने ऑहियो राज्य में 1979 से 1997 तक लगभग 16 खेलों के एथलीटों का इलाज किया और खेल जगत से जुड़े उन युवा पुरुषों का गलत फायदा उठाया।

2005 में किया आत्महत्या
स्ट्रॉस ने 2005 में आत्महत्या कर लिया था। निष्कर्षों से यह पता चलता है कि स्ट्रॉस को वही सजा मिलती, जो मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी के जिमनास्टिक्स डॉक्टर लैरी नासर को मिली है। उस डॉक्टर पर कम से कम 250 महिलाओं और लड़कियों से छेड़छाड़ का आरोप था और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। वह डॉक्टर समझौते के लिए पीड़ितों को 500 मिलियन डॉलर देने पर सहमत हुआ है। रिपोर्ट जारी होने के बाद, ऑहियो के राज्य अध्यक्ष माइकल ड्रेक ने प्रत्येक पीड़ित के प्रति गहरा अफसोस और इस घटना के लिए माफी मांगी है। उन्होंने इसे संस्था की मूलभूत विफलता बताई है और पीड़ितों को उनके साहस के लिए धन्यवाद दिया है। सार्वजनिक रूप से स्ट्रॉस के खिलाफ आवाज उठाने वाले पीड़ितों ने कहा कि उन्हें फिजिकल एग्जाम के दौरान अनुचित तरीके से छुआ गया था और लॉकर के कमरों में रखा गया था। कई लोगों ने जांचकर्ताओं को बताया कि उन्हें लगा कि उनका व्यवहार एक 'ओपन सीक्रेट' है और उनका मानना है कि उनके कोच, प्रशिक्षक और टीम के अन्य डॉक्टर इसके बारे में जानते थे।

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अधिकारी नहीं कर सके कार्रवाई
पुरुषों की शिकायत के बाद जब पूरे मामले की जांच की गई तो निष्कर्ष निकाला गया कि ऑहियो स्टेट के कर्मियों को 1979 की शुरुआत तक स्ट्रॉस के आचरण के बारे में शिकायतों के बारे में पता था लेकिन वह उसपर कार्रवाई नहीं कर सकें।

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