क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : राजधानी के हातमा इलाके में चार माह पहले नकली शराब पीने से हुई सात लोगों की मौत मामले में अबतक जांच रिपोर्ट नहीं सौंपी जा सकी है. इस बाबत एक्साइज डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी राहुल शर्मा का कहना है कि एक्साइज कमिश्नर अपने स्तर पर पूरे मामले की जांच कर रहे हैं, उन्होंने अपनी रिपोर्ट नहीं दी है. ऐसे में आगे की कार्रवाई नहीं हो रही है. हालांकि, रांची पुलिस ने भी इस मामले की जांच की है और कई आरोपी भी पकड़े जा चुके हैं.

ऐसे हुआ था हादसा

इसी साल सितम्बर महीने में सीएम हाउस से करीब एक डेढ़ किलोमीटर दूर हातमा इलाके में सात लोगों की जहरीली शराब पीने से मौत हो गयी. हालांकि घटना के बाद एक्शन के नाम पर जमकर रेड कंडक्ट किये गये. नामकोम और शहर के बाहर की गई रेड में बड़ी मात्रा में कच्ची शराब और शराब बनाने के सामान भी जब्त किये गए. लेकिन किसी भी अधिकारी पर रेस्पोंसिब्लिटी फिक्स नहीं की गई.

सहायक उत्पाद आयुक्त और दो थाना प्रभारी हुए थे सस्पेंड

इस घटना के बाद तत्कालीन असिस्टेंट कमिश्नर एक्साइज उमाशंकर सिंह और डोरंडा और नामकोम के ऑफिसर इंचार्ज के राणा प्रताप सिंह और नामकोम के राजेश प्रसाद रजक को सस्पेंड कर दिया गया था.

एक साल में जहरीली शराब से 20 लोगों की हो चुकी है मौत

नकली शराब मामले में बीते एक साल में सिर्फ राजधानी में लगभग 20 लोगों की मौत हो चुकी है. दरअसल सरकार ने 1 अगस्त, 2017 से राज्य में शराब का व्यापार अपने हाथों में लिया. इसपर पूरा नियंत्रण राज्य सरकार ने कर लिया वह भी यह कहकर की इससे नकली शराब की बिक्त्री पर लगाम लग सकेगी, लेकिन नकली शराब का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है.