मेडिकल कॉलेज में स्टाफ की लापरवाही से ठप हो गई ई-हॉस्पिटल योजना

विभागीय रिपोर्ट में हुआ खुलासा, प्रशासन ने तलब की समीक्षा रिपोर्ट, बैठक में दिए कार्रवाई के निर्देश

MEERUT। मेडिकल कॉलेज की ई-हॉस्पिटल योजना स्टाफ की लापरवाही की भेंट चढ़ रही है। वार्डो के लिए प्रोवाइड करवाए गए कंप्यूटर्स कमरे में बंद हैं। यही नहीं प्रिंटर्स भी कॉलेज स्टोर में धूल फांक रहे हैं। इसका खुलासा विभागीय रिपोर्ट में हुआ है। जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने समीक्षा रिपोर्ट तलब कर ली हैं। साथ ही बैठक कर तुरंत कार्रवाई के निर्देश भी दे दिए हैं।

ये है मामला

2018 में मेडिकल कॉलेज में ई-हॉस्पिटल योजना शुरू की गई थी। इसके लिए 70 कंप्यूटर्स की व्यवस्था शासन की ओर से की गई थी। हालांकि अभी तक योजना सुचारू रूप से लागू नहीं हो पाई है। रिपोर्ट के मुताबिक स्टाफ नर्स और सिस्टर्स इस योजना में दिलचस्पी ही नहीं ले रही हैं। यही नहीं वार्ड में लगने वाले कंप्यूटर्स व प्रिंटर्स भी कमरे में बंद हैं।

यहां होना था लागू

सभी ओपीडी

आईपीडी

इमरजेंसी

पैथोलॉजी

फैक्ट फाइल

70 कंप्यूटर्स ई-हॉस्पिटल के लिए मेडिकल कॉलेज को मिले थे।

40 प्रिंटर्स योजना के लिए आए थे।

एक सुपरवाइजर गाइडसेंस के लिए निुयक्त हुआ था।

10 से ज्यादा कंप्यूटर्स खराब हो गए हैं।

4000 औसतन मरीज रोजाना ओपीडी में आते हैं।

रेजिडेंट्स को जिम्मेदारी

ई-हॉस्टिपल की जिम्मेदारी अब रेजिडेंट्स को दी जाएगी। अभी तक सिस्टर्स को ये जिम्मेदारी दी गई थी। अस्पताल प्रशासन ने स्टाफ नर्सेज की लापरवाही को देखते हुए ये फैसला लिया है। अधिकारियों का कहना है कि स्टाफ नर्सेज के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर का काम करना मुश्किल हो रहा था। जिसके चलते अब रेजिडेंट्स को यह जिम्मा सौंपा जाएगा।

ई-हॉस्पिटल में लापरवाही बरतने वाले स्टाफ को नोटिस दिया गया है। प्रिंटर्स में कंपनी से ही कार्टेज इश्यू हैं मगर रि-फिलिंग की व्यवस्था नहीं हैं। ऐसे में इन्हें बदलवाया जाएगा। अन्य मुद्दों पर भी कार्रवाई करवाई जा रही हैं।

डॉ। आरसी गुप्ता, प्रिंसिपल, मेडिकल कॉलेज