ऑनलाइन टिकट के नाम पर फ्रॉड कर लाखों का घोटाला

मामला पकड़ में आने पर तीन महिला कंडक्टर निलंबित

Meerut. अलीगढ़ में नकली टिकट का गिरोह पकड़ में आने के बाद मेरठ में ऑनलाइन टिकट के नाम पर एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. इसमें ऑनलाइन टिकट बुकिंग दिखाकर एसी बसों के टिकट ब्लैक कर रोडवेज को हर माह लाखों रुपए की चपत लगाई जा रही थी. पूरा खेल रोडवेज की महिला कंडक्टर द्वारा खेला जा रहा था. मामला साबित होने पर रोडवेज ने तीन महिला परिचालक को निलंबित कर दिया. जांच में कई अन्य कर्मचारियों के नाम भी सामने आ रहे हैं.

ऐसी हो रहा फ्रॉड

दरअसल एसी बसों के लिए रोडवेज की वेबसाइट पर ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है. कई यात्री ऑनलाइन टिकट बुक कराकर बस में यात्रा करते हैं. अधिकतर डायरेक्ट बस में सीट पर टिकट लेते हैं. ऑन लाइन टिकट फ्रॉड के मामले में एसी बसों के परिचालक बस में डायरेक्ट आने वाले यात्रियों को ऑनलाइन टिकट की बुकिंग द्वारा सीट फुल बताकर टिकट ब्लैक में बेच दिया जाता था. वहीं दूसरी ओर ब्लैक में टिकट लेने वाले यात्री की एंट्री भी रोडवेज की डाटा बुक में नहीं की जाती है. इस प्रकार प्रति यात्री 500 से 1500 रुपए तक का फ्रॉड किया जा रहा था.

आगरा तक फैला जाल

एसी बसों में ऑन टिकट के नाम पर फ्रॉड का मामला मेरठ से वाया नोएडा आगरा जाने वाली बसों में पकड़ में आया है. इन रूट पर मेरठ से चार एसी बसों का संचालन हो रहा है. इनमें दो बसों में महिला परिचालक और बाकी दो बसों में पुरुष परिचालक की डयूटी है. इसके अलावा रोडवेज की लंबी दूरी की एक्सप्रेस और लग्जरी बसों में भी ऑनलाइन टिकट के नाम पर फ्रॉड किया जा रहा है, जिसमें अधिकतर पुरुष कंडक्टर शाि1मल हैं.

परिचालकों पर गिरी गाज

इस मामले में हाल ही में एक शिकायत की जांच के दौरान इस फ्रॉड का मामला सामने आने पर रोडवेज की तीन महिला परिचालकों को निलंबित कर दिया गया, वहीं 8 पुरुष परिचालकों के खिलाफ एआरएम स्तर पर जांच चल रही है. इन महिला परिचालकों द्वारा लगातार ऑनलाइन टिकट ब्लैक कर रोडवेज को चूना लगाया जा रहा था.

इन महिला परिचालकों द्वारा एसी बसों में टिकट ब्लैक करने की शिकायत मिली थी जांच में मामला सही मिलने पर कंडक्टर को निलंबित कर दिया गया. कई अन्य परिचालकों की मिलीभगत सामने आई है उनकी जांच चल रही है.

अनिल अग्रवाल, एआरएम