क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : रिम्स में मरीजों को परोसे जाने वाले भोजन में क्वालिटी से किसी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अगर भोजन में किसी तरह की खराबी पाई गई तो प्राइम एजेंसी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी. हॉस्पिटल के डिप्टी डायरेक्टर गिरिजा शंकर प्रसाद ने आदेश जारी करते हुए कहा कि मरीजों के लिए जो डाइट तय है, उसे एजेंसी को फॉलो करना होगा. क्वालिटी और क्वांटिटी में किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए.

पहल भी हो चुका है जुर्माना

यह पहला मौका नहीं है जब मरीजों के भोजन की क्वालिटी व क्वांटिटी को लेकर एजेंसी पर सवाल उठे हैं. इससे पहले भी कई बार मरीजों के डाइट को लेकर तय मात्रा से कम व घटिया भोजन देने का मामला सामने आ चुका है. इसकी शिकायत डायरेक्टर लेवल तक पहुंची चुकी है. मामले की जांच भी मॉनिटरिंग कमिटी से कराई गई थी. इस बाबत एजेंसी पर जुर्माना भी कई बार लग चुका है, फिर भी डाइट से खिलवाड़ थमने का नाम नहीं ले रहा है.

सैंपल में मिला था सूखा सेब

शनिवार को मरीजों को परोसे जाने वाले भोजन का सैंपल डिप्टी डायरेक्टर के पास आया था. जब उन्होंने नाश्ते में दिए जाने वाले फलों को देखा व परखा तो सेब सूखा हुआ था. ऐसे में उन्होंने तत्काल एजेंसी के सुपरवाइजर को बुलाकर जमकर फटकार लगाते हुए कहा थी कि अगर आगे डाइट में किसी तरह की शिकायत मिली तो वार्निग नहीं एक्शन लिया जाएगा.

प्राइम सर्विसेज के जिम्मे है मरीजों का भोजन

रिम्स में एडमिट करीब 1200 मरीजों का भोजन हर दिन बनता है. दिल्ली की प्राइम सर्विसेज के जिम्मे रिम्स का किचन है. सर्विसेज को हर दिन हर मरीज के भोजन के एवज में सौ रुपए दिए जाते हैं, जिसमें सुबह, दोपहर व रात का भोजन शामिल है. मालूम हो कि एजेंसी को हर महीने भोजन के बिल के एवज में 40-45 लाख रुपए का भुगतान किया जाता है.