क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : आने वाले दिनों में रिम्स मैनेजमेंट और एडमिनिस्ट्रेशन के टॉप लेवल की व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने वाला है. अब रिम्स में एडमिनिस्ट्रेशन और मैनेजमेंट के काम से डॉक्टरों को अलग कर दिया जाएगा. ये सारी जिम्मेवारी प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को मिलने वाली है. इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने 7 लोगों का पैनल तैयार कर कार्मिक विभाग को भेजा है. कार्मिक विभाग से वित्त विभाग होते हुए कैबिनेट में यह प्रस्ताव लाया जाएगा और मंजूरी मिलते ही इसे लागू कर दिया जाएगा. ऐसी ही व्यवस्था महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज जमशेदपुर और पाटलिपुत्र मेडिकल कॉलेज धनबाद में भी लागू की जाएगी.

विभाग ने तैयार किया प्रस्ताव

स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि रिम्स में मैनेजमेंट और एडमिनिस्ट्रेशन के काम से डॉक्टरों को मुक्त किया जाएगा. इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से 7 लोगों का पैनल तैयार कर प्रस्ताव कार्मिक विभाग को भेजा गया है. इसमें एक अधिकारी फायनांस सेवा से होंगे जिनके जिम्मे अस्पताल की पूरा फ ाइनांस होगा. इसके अलावा डिप्टी सेक्रेटरी, अंडर सेक्रेटरी, सचिवालय सेवा के लोगों को भी इस पैनल में रखा गया है.

एडिशनल डायरेक्टर हुए हैं नियुक्त

इसी प्रक्रिया के तहत रिम्स में स्वास्थ्य विभाग की ओर से आईएएस अधिकारी अमित कुमार को एडिशनल डायरेक्टर के पद पर नियुक्त किया गया है. इस अधिकारी के जिम्मे पूरा एडमिनिस्ट्रेशन है. साथ ही जो डिप्टी डायरेक्टर, अवर सचिव और सचिवालय सेवा के अधिकारी होंगे वे सभी मिलकर एडमिनिस्ट्रेशन का काम देखेंगे.

एम्स की तर्ज पर बदल रही व्यवस्था

स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे ने बताया कि रिम्स की पूरी व्यवस्था एम्स की तर्ज पर बदल रही है. एम्स में तीन तरह का सिस्टम काम करता है. इसमें एक सिस्टम एडमिनिस्ट्रेशन और मैनेजमेंट देखता है, दूसरा सिस्टम खाने-पीने और लॉजिस्टिक की व्यवस्था देखता है और तीसरा सिस्टम डॉक्टरों का होता है जो वहां मरीजों का इलाज करते हैं. उसी तरह की व्यवस्था आने वाले दिनों में रिम्स सहित राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में की जाएगी. जहां एडमिनिस्ट्रेशन के लिए प्रशासनिक पदाधिकारियों का सिस्टम काम करेगा. लॉजिस्टिक के लिए भी प्रशासनिक पदाधिकारियों का सिस्टम काम करेगा. छात्रों को पढ़ाने व मरीजों का इलाज और अस्पताल से जुड़े सभी तरह के काम के लिए डॉक्टरों का टीम होगी.

सीएम ने पहले ही दिया है संकेत

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने रिम्स में हर दिन हो रहे हंगामे और अव्यवस्था को दूर करने के लिए यह संकेत पहले ही दे चुके हैं. रिम्स सहित सभी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाने और इलाज करने का काम डॉक्टर करेंगे. बाकी मैनेजमेंट एडमिनिस्ट्रेशन और दूसरे सभी तरह के काम प्रशासनिक पदाधिकारियों के हवाले किया जाएगा.

आए दिन मिलती है शिकायतें

रिम्स में आए दिन मरीजों के साथ मारपीट, मरीजों के साथ दु‌र्व्यवहार, साफ.-सफ ाई सहित कई तरह की शिकायतें मिलती रहती हैं. फि लहाल जो रिम्स में व्यवस्था है वो डायरेक्टर के जिम्मे है. इसमें डायरेक्टर से लेकर सुपरिंटेंडेंट, स्टोर मैनेजर सभी डॉक्टर हैं. सभी तरह के एडमिनिस्ट्रेशन और मैनेजमेंट का काम डॉक्टर ही करते हैं. इससे उनका मूल काम प्रभावित होता है. हाल के दिनों में सरकार ने रिम्स में दो प्रशासनिक पदाधिकारियों की नियुक्ति की है, जो एडमिनिस्ट्रेशन का काम देख रहे हैं. इन्हीं पदाधिकारियों को पूरी मैनेजमेंट और एडमिनिस्ट्रेशन की व्यवस्था देखने की जिम्मेवारी दी जाएगी.

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वर्जन

रिम्स सहित राज्य के तीनों मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मैनेजमेंट और एडमिनिस्ट्रेशन का काम प्रशासनिक पदाधिकारी देखेंगे. इलाज करने और पढ़ाने का काम डॉक्टर देखेंगे. इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है जल्द ही इसे लागू किया जाएगा.

निधि खरे. प्रधान सचिव, स्वास्थ्य विभाग, झारखंड