क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : रिम्स में एकबार फिर जूनियर डॉक्टरों की दबंगई का मामला सामने आया है. इस बार इलाज के लिए आए मरीज के परिजन की ही डॉक्टरों ने पिटाई कर दी. बात बस इतनी सी थी कि मरीज की हालत ठीक नहीं थी और परिजन जल्दी उसका इलाज करने को कह रहे थे. ऐसे में इलाज में देरी होता देख परिजन ने गुस्से में जूनियर डॉक्टर से बात कर दी. बस डॉक्टर ने आव देखा न ताव और परिजन पर हाथ छोड़ दिया. इतना ही नहीं, डॉक्टरों ने परिजनों को दौड़ाकर बाहर भी निकाल दिया.

क्या है मामला

एक व्यक्ति को गोली लगने के बाद उसे इमरजेंसी में लाया गया. ऐसे में परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात जूनियर डॉक्टरों से इलाज करने की गुहार लगाई. परिजनों का कहना था कि खून बह रहा है और मरीज को कोई देख नहीं रहा है. इस पर डॉक्टर ने कहा कि यहां इलाज के लिए क्यों लाए हो. इसके बाद डॉक्टर और परिजन के बीच बकझक शुरू हो गई. मामला बिगड़ने के बाद गार्ड ने भी डॉक्टरों का साथ दिया और परिजन को धक्के मारते हुए बाहर निकाल दिया.

वर्जन

24 घंटे की ड्यूटी में डॉक्टर था. इस बीच परिजनों ने उनके साथ मिसबिहेव किया और गाली-गलौज भी कर दी. ऐसे में किसी को भी गुस्सा आ जाएगा. डॉक्टरों के साथ परिजन इस तरह करेंगे तो मरीजों का इलाज कैसे होगा. डॉक्टर के साथ इस तरह की घटना की मैं निंदा करता हूं. परिजनों को इसके बारे में सोचना चाहिए.

डॉ. अजीत, अध्यक्ष, जेडीए