क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : रिम्स का फिजियोथेरेपी सेंटर इन दिनों बदहाली के दौर से गुजर रहा है. यह सेंटर अनफिट बनता जा रहा है. एक तरह यहां उपलब्ध कुछ इक्विपमेंट्स कबाड़ बन गए हैं तो दूसरी ओर टूटे-फूटे इक्विपमेंट्स से मरीजों को एक्सरसाइज कराया जा रहा है. न तो इन इक्विपमेंट्स की मरम्मत की जा रही है और न ही नए मशीन खरीदे जा रहे हैं. नतीजातन सेंटर में ट्रीटमेंट के लिए आने वाले मरीजों को बीमारी से बहुत राहत नहीं मिल पा रही है. ऐसा नहीं है कि इक्विपमेंट्स के खराब होने की जानकारी रिम्स एडमिनिस्ट्रेशन के पास नहीं है, लेकिन सेंटर के फिटनेस की कोई कवायद नहीं हो रही है. अगर समय रहते यहां के हालात नहीं सुधरे तो यहां एक्सरसाइज के लिए एक भी इक्विपमेंट नहीं मिलेगा.

चालू हुआ डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड रिम्स आने वाले मरीजों को अब जांच व इलाज के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा. कौन डॉक्टर कब ड्यूटी पर होंगे, इसकी जानकारी भी आसानी से मिल जाएगी. इसके लिए मरीजों को कंसल्ट करने के लिए संबंधित डॉक्टर के चैंबर अथवा ओपीडी का चक्कर नहीं लगाना होगा. दरअसल, यह संभव हुआ है डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड से. हॉस्पिटल के इमरजेंसी के पास स्थित हॉल में सालों से बंद पड़े डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड आखिरकार मंगलवार से चालू हो गया. इसके जरिए दूर-दराज से आने वाले मरीजों को यह आसानी से पता चल जाएगा कि कौन सा डिपार्टमेंट कहां है.

ओपीडी में होगी व्यवस्था

इमरजेंसी में डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड चालू करने के बाद अब ओपीडी में भी इसे लगाने की तैयारी है, ताकि मरीजों को हास्पिटल में मिलने वाली सुविधाओं की भी जानकारी आसानी से मिल सके. इसका एक फायदा यह भी होगा कि मरीज अब दलालों के झांसे में आने से बचेंगे. वार्ड में पहुंचने के लिए लोगों से पूछने की भी टेंशन नहीं रहेगी.