RANCHI: रिम्स में टेस्ट कराने के लिए पर्ची कटाई और टेस्ट नहीं हो सका तो टेंशन लेने की जरूरत नहीं है. 100 रुपए तक का टेस्ट नहीं होने पर हाथों हाथ पैसा रिफंड कर दिया जाएगा. वहीं 100 रुपए से अधिक की जांच नहीं होने पर पैसा खाते में भेजा जाएगा. अब कैश काउंटर के स्टाफ किसी भी तरह पैसे का गोलमाल नहीं कर सकेंगे. रिम्स में कैश काउंटर घोटाला होने के बाद प्रबंधन ने नई व्यवस्था 15 जून से लागू करने का आदेश दिया है.

देना होगा बैंक खाता का डिटेल

100 रुपए या उससे अधिक का टेस्ट नहीं होने पर पर्ची कैश काउंटर में जमा करनी होगी, जहां से 100 रुपए तक तो हाथों हाथ रिटर्न कर दिए जाएंगे. लेकिन, उससे अधिक के रिफंड के लिए मरीज के परिजन को अपने आईकार्ड का फोटो कॉपी जमा कराना होगा. इसके साथ ही बैंक का नाम, अकाउंट नंबर और आइएफएससी कोड देना होगा. यह अकाउंट नंबर मरीज के माता, पिता, भाई, बहन, बेटा या बेटी का होना चाहिए. इसके बाद ही रिफंड का पैसा आरटीजीएस या एनइएफटी के माध्यम से वापस कर दिया जाएगा.

16 से लेकर 6 हजार रुपए तक के होते हैं टेस्ट

हास्पिटल में इलाज के लिए हर दिन दो हजार मरीज पहुंचते हैं. इनमें डेढ़ हजार मरीज ओपीडी में आते हैं, जबकि 4-5 सौ मरीज इमरजेंसी में भी आ जाते हैं. यहां से टेस्ट के लिए करीब 300 मरीजों को डॉक्टर प्रेस्क्राइब करते हैं. ऐसे में टेस्ट कराने के लिए कैश काउंटर से पर्ची कटानी होती है. जहां 16 रुपए से लेकर 6 हजार रुपए और उससे अधिक की पर्ची काटी जाती है.

कैश काउंटर घोटाले के बाद आया नया नियम

पहले हास्पिटल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों की जांच के लिए पर्ची काटी जाती थी. ऐसे में जांच नहीं होने की स्थिति में रिफंड कराने के लिए पर्ची की ओरिजिनल और कार्बन कॉपी कैश काउंटर में जमा कराते थे. इसके बाद परिजन को कैश रिफंड कर दिया जाता था. लेकिन, कैश काउंटर घोटाले की बात सामने आने के बाद कुछ दिनों के लिए व्यवस्था में बदलाव कर दिया गया. इसके तहत विभाग के अधिकारी से भी साइन कराकर पर्ची लाने का नियम बनाया गया. इसके बाद परिजन को पैसे लौटाए जा रहे थे.

वर्जन

कैश काउंटर में हुई गड़बडि़यों के बाद ही प्रबंधन ने फैसला लिया है. अब 100 रुपए तक के टेस्ट की पर्ची के लिए हाथों हाथ रिफंड होगा. उससे अधिक के लिए अकाउंट में पैसा रिफंड होगा. इससे गड़बड़ी होने की सारी आशंकाएं ही खत्म हो जाएंगी. वहीं पैसे का हिसाब भी मिलेगा.

-डॉ. संजय कुमार, डिप्टी सुपरिटेंडेंट, रिम्स