मुसलमान राजा टीपू सुल्तान की ये अंगूठी खास इसलिए है कि क्योंकि इस पर राम का नाम लिखा है.

टीपू सुल्तान को भारत में ब्रिटिश शासन से लोहा लेने के लिए जाना जाता है. माना जाता है कि उनकी मौत के बाद एक ब्रिटिश जनरल ने ये अंगूठी उनके शव से निकाल ली थी.

क्रिस्टी की वेबसाइट के अनुसार, 41 ग्राम की ये अंगूठी अनुमानित मूल्य से दस गुना ज्यादा कीमत पर सेंट्रल लंदन में नीलाम की गई. इसके खरीददार की पहचान उजागर नहीं की गई.

आरोप है कि ये अंगूठी उनके मृत शरीर से तब निकाली गई थी, जब वे 1799 में श्रीरंगापट्टनम की लड़ाई में ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना के हाथों मारे गए थे.

नीलामी सूची में अंगूठी के बारे में लिखा है, ''हैरानी की बात है कि एक महान मुस्लिम योद्धा राजा हिन्दू भगवान के नाम की अंगूठी पहनता था.''

अपने पिता हैदर अली के बाद उन्होंने 17 साल तक मैसूर पर शासन किया. उन्हें 'टाइगर ऑफ मैसूर' के रूप में जाना जाता था.

विरोध

राम नाम वाली टीपू सुल्‍तान की अंगूठी नीलाम

भारत के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज के प्रोफेसर एस शेट्टार ने इस महीने की शुरुआत में चेतावनी दी थी कि अगर ये अंगूठी किसी प्राइवेट बोली लगाने वाले को बेची गई तो ये जनता की निगाह से ओझल हो सकती है.

उन्होंने भारतीय सरकार से अपील की थी कि वह इस अंगूठी को हासिल करने के लिए सभी तरह के कानूनी और राजनयिक तरीक़े अपनाए.

उन्होंने कहा कि अगर अंगूठी की नीलामी नहीं रोकी जा सकती है तो भारतीय अमीरों को देश की इस धरोहर को खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जाए. वैसे पता नहीं चल सका है कि अंगूठी का नया मालिक भारतीय है या नहीं.

'टीपू सुल्तान यूनाइटेड फ्रंट' के एक संगठन ने भारतीय अधिकारियों से अपील की थी कि वो इस अंगूठी की बिकने से रोकें. इस अंगूठी को क्रिस्टीज़ ने दो साल पहले भी नीलाम करने की बात की थी लेकिन बाद में नीलामी रोक दी गई थी.

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