खुद चला रहे थे कार
कार वे स्वयं ड्राइव कर रहे थे. लगभग साढ़े चार बजे कार आगे बढ़ रही थी कि दनियावां पावर हाउस के पास ट्रक में जा घुसी. कार का करीब तीन हिस्सा ट्रक के अंदर चला गया और दो किलोमीटर तक उसी के साथ घसीटती चली गई. बाद में ट्रक ड्राइवर ने बंफर में फंसी हुई कार को खलासी की मदद से निकाला और भाग निकला.

गांव वालों ने पहचाना
सोर्सेज के अनुसार सुरेंद्र प्रसाद अस्थावां के शेरपुर के रहने वाले थे. उसी गांव से एक बारात पावर हाउस के पास आई थी. लोगों ने कार में सुरेंद्र प्रसाद को देखकर पहचाना और दनियावां थाना को इंफॉर्म किया. इस बाबत एसएचओ लाल मोहन सिंह ने सदल-बल पहुंच कर कार से तीनों को निकाला. तीनों की स्पॉट पर ही डेथ हो गई थी. बताया जाता है कि सुरेंद्र प्रसाद को एक बेटा अनुपम है, जो इंजीनियरिंग कर चुका है. वहीं दो बेटियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी है. एक दामाद धर्मेन्द्र प्रसाद जक्कनपुर थाना में एसआई के पद पर पोस्टेड हैं. फैमिली मेंबर्स ने अंतिम संस्कार के लिए डेडबॉडी को बनारस ले गए.