दैनिक जागरण आई नेक्स्ट एक्सक्लूसिव

- आए दिन हो रहे हैं बसों से हादसे, कन्नौज में संडे रात अनियंत्रित बस ने छह स्टूडेंट्स व एक टीचर को रौंदा

- डिपो में काम चलाऊ तरीके से होता है बसों का मेंटीनेंस, ड्राइवर के बताने पर भी मैकेनिक बरतते हैं लापरवाही

- डीजे आई नेक्स्ट ने किया रियलिटी चेक, कई बसों में ब्रेक बाक्स और केबल बॉक्स मिले खस्ताहाल

kanpur@inext.co.in

kanpur. रोडवेज की दर्जनों बसें शहर व आसपास के एरिया में 'यमराज' बनकर सड़कों पर दौड़ रही हैं. संडे को ही कन्नौज में देर रात रोडवेज की अनियंत्रित बस ने छह स्टूडेंट्स व एक टीचर को रौंद दिया. जिसमें उनकी मौके पर ही मौत हो गई. रोडवेज बसों से होने वाला ये कोई पहला हादसा नहीं था. आखिर रोडवेज की बसों के यमराज बनने की क्या वजह है, इसे जानने के लिए दैनिक जागरण आई नेक्स्ट की टीम ने रोडवेज बसों का हाल जाना, इस दौरान टीम को उन तमाम वजहों का पता चला, जो बसों को रोड पर चलता फिरता यमराज बना देती हैं. जिसे जानकार आप भी हैरान हो जाएंगे.

इन वजहों से बन रहीं 'यमराज'

दोपहर लगभग एक बजे आजाद नगर बस डिपो की एक बस झकरकटी बस अड्डे में खड़ी थी. डीजे आई नेक्स्ट की टीम ने बस के अंदर का जायजा लिया तो बस के गियर और स्टेयरिंग टूटी पड़ी थी. ब्रेक बाक्स और केबल बॉक्स की स्थिति भी खस्ताहाल थी. आग बुझाने के लिए बस में रखे जाने वाले फायर सेफ्टी इक्यिूपमेंट्स भी सालों पुराने थे. जिसमें उनकी एक्सपायरी डेट भी खोजने से नहीं मिल रही है. ड्राइवर और कंडक्टर को इन्हें यूज करना भी नहीं आता है. जब ड्राइवर से इस हालात के बारे में पूछा तो उसने नाम न छापने का भरोसा दिलाने पर बताया कि रूट से डिपो में बस पहुंचने पर बस में आई खामियों को बस चालक मैकेनिक को बता देता है. इसके बाद बस डिपों के गैराज में मेंटीनेंस के लिए जाती है. जहां मैकेनिक ठोक पीट कर काम चला देते हैं. फिर चाहे वह सफर के बीच में खड़ी हो जाए. इससे उनको कोई फर्क नहीं पड़ता है.

यात्रियों की जान से खिलवाड़ क्यों?

पिछले कुछ महीनों की ही बात करें तो रोडवेज बसें हादसों की वजह भी बनी हैं और खुद हादसे का शिकार भी हुई हैं. इन दोनों स्थितियों के लिए बसों की खराब हालत या फिर बसों में बिना रेस्ट किए लंबे समय से ड्यूटी कर रहे चालक हादसों की वजह रहे हैं. इसके बाद भी इन स्थितियों को सुधारने के लिए रोडवेज विभाग, शासन और प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर यात्रियों की जिंदगी से खिलवाड़ क्यों किया जा रहा है?

पंखों के सहारे जनरथ का सफर

यात्रियों को राहत देने के लिए जनरथ एसी बसों को शुरू किया गया था. लेकिन इस भीषण गर्मी में ये यात्रियों को सुकून देने के बजाय मुश्किल में डाल रही हैं. बसों के एसी जवाब दे चुके हैं. झकरकटी बस अड्डे में रियेलिटी चेक के दौरान रिपोर्टर ने लखनऊ रोडवेज की जनरथ बस का भी जायजा लिया. जहां कंडक्टर से बात करने पर पता चला कि बस का एसी सही से कूलिंग ही नहीं कर रहा है. जनरथ का सफर पंखों पर टिका हुआ है. वहीं बसों से कुछ पंखे भी गायब हो चुके हैं. जिसकी वजह से बस में उमस से यात्री परेशान हैं.

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ये कारण आए सामने

कई बसों के गियर और स्टेयरिंग टूटी

ब्रेक बॉक्स और केबल बॉक्स खस्ताहाल

बिना रेस्ट ड्राइवर कर रहे हैं लंबी ड़्यूटी

फायर सेफ्टी इक्विपमेंट हो चुके एक्सपायरी

बसों के मेंटिनेंस के नाम पर हो रही खानापूर्ति

जनरथ बसों का एसी खराब, पंखों के सहारे सफर

डाटा

कानपुर रीजन में 700 रोडवेज बसें

10 जनरथ बसें भी दौड़ रहीं

100 से अधिक बसें इनमें अनफिट

1000 बसें झकरकटी से संचालित

50 हजार यात्रियों का आवागमन

कोट

बसों के मेंटीनेंस के लिए बजट आता है. सभी डिपो में अलग से एक टेक्निकल टीम होती है. जोकि बसों के रूट से आने के बाद उसका परीक्षण करती है. अगर मेंटीनेंस में लापरवाही हो रही है तो इसकी तत्काल जांच कराई जाएगी.

अतुल जैन, आरएम, कानपुर रीजन