-जलनिगम की गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की लापरवाही से शहर में कई जगह धंस गई हैं सड़कें

-वाहन गुजरते समय हादसा होने की आशंका, प्रदर्शन के बाद भी नहीं दूर हुई समस्या

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VARANASI

यूपी जलनिगम की गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की लापरवाही की वजह से शहर में कई जगहों पर सड़कें धंस गई हैं. ऐसे में वाहनों के गुजरते समय हमेशा हादसा होने की आशंका बनी रहती है. तमाम वाहन सड़कों में धंस भी चुके हैं. सड़कों को बदहाल हाल में छोड़ने के खिलाफ पांडेयपुर व हुकुलगंज में प्रदर्शन तक हो चुके हैं, उच्चाधिकारियों की चेतावनी के बाद भी गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई ने प्रॉब्लम दूर नहीं की. अब पीडब्ल्यूडी धंसी रोड्स और पटरियों की मरम्मत करा रहा है.

बालू नहीं गड्ढों में भर दी मिट्टी

दरअसल, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई ट्रांसवरुणा वरुणापार में नई सीवर लाइन बिछवा रही है. इसके लिए यहां सड़क किनारे करीब सात मीटर गहरा गड्ढा खोदा गया. पाइप बिछाने के बाद खोदी गई मिट्टी भरकर उस गड्ढे को पाट दिया गया. इसकी वजह से बारिश के बाद सड़क व पटरियां जगह-जगह धंस गई. जबकि मानक के हिसाब से गढ्डे में पांच मीटर गहराई तक बालू भरना चाहिए था. यही नहीं, इकाई ने गड्ढा पटवाने के बाद उस पर पैचिंग भी नहीं कराई. इससे प्रॉब्लम बनी हुई है.

मंत्रालय लगा चुका है जुर्माना

कुछ महीने पहले जेपी मेहता इंटर कॉलेज के पास बीचों-बीच सड़क धंस गई थी. इसकी वजह भी सीवर लाइन बिछाने के बाद सही तरीके से गड्ढा न भरना सामने आया था. इससे हुए नुकसान को लेकर केन्द्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय ने सख्त रुख अख्तियार किया और गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई पर भारी जुर्माना लगा दिया. इसके बावजूद इकाई की लापरवाही बरकरार है.

पीडब्ल्यूडी ने मांगी भरपाई

गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की लापरवाही पर पीडब्ल्यूडी ने सख्त रुख अख्तियार किया है. विभाग ने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से करते हुए पत्र भेजकर मेंटीनेंस में आई लागत को देने को कहा है. पीडब्ल्यूडी के अफसरों का कहना है कि किसी भी कार्यदायी संस्था के काम करने के दौरान अगर कोई नुकसान होता है तो उसकी भरपाई की जिम्मेदारी भी उसी की होती है, लेकिन गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई ने ऐसा नहीं किया.

इन जगहों पर प्रॉब्लम

- पांडेयपुर

- नई बस्ती

- खजुरी

- हुकुलगंज

- भुल्लनपुर

- पहडि़या

- लंका

- रथयात्रा

एक नजर

400

किलोमीटर बिछाई जानी है सीवर लाइन

35

से ज्यादा जगहों पर पीडब्ल्यूडी ने धंसी रोड्स की चिन्हित

10

जगहों पर लोक निर्माण विभाग ने कराया मरम्मत

जलनिगम (गंगा प्रदूषण नियंत्रण यूनिट) को पत्र भेजकर सख्त चेतावनी दी गई है कि आगे से मानक के हिसाब से गड्ढे भरे जाएं. पहले हुए नुकसान की भरपाई भी मांगी गई है.

आशुतोष सिंह, असिस्टेंट इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी