इंदौर मॉडल पर प्लास्टिक वेस्ट से बनेंगी सड़कें

एमडीए सचिव ने एमपी रूरल रोड डेवलेपमेंट अथॉरिटी को लिखा पत्र

तकनीकि और प्रक्रिया की जानकारी के लिए इंदौर जाएगी एमडीए की टीम

Meerut : प्लास्टिक वेस्ट से सड़क बनाने का प्रयोग अब मेरठ में भी होगा. मेरठ विकास प्राधिकरण के सचिव राजकुमार ने मप्र रूरल रोड डेवलेपमेंट अथॉरिटी को पत्र लिखकर तकनीकि और प्रक्रिया की जानकारी हासिल की है. वहीं सचिव ने बताया कि जल्द ही एमडीए की एक टीम सर्वे के लिए इंदौर जाएगी. प्रयोग यदि सफल हुआ तो मेरठ में प्लास्टिक वेस्ट की टिकाऊ सड़कों का निर्माण होगा तो वहीं प्लास्टिक वेस्ट से लोगों को निजात मिलेगी.

साउथ में सर्वप्रथम बनीं सडकें

भारत में सबसे पहले तमिलनाडु में प्लास्टिक वेस्ट से सड़क बनाने पर प्रयोग हुआ. तमिलनाडु के मदुरै शहर में इंजीनियरिंग कॉलेज ने पहली बार डामर की सड़कों में प्लास्टिक के उपयोग की तकनीक को ईजाद किया था. पिछले आठ साल से देश के कई इलाकों में सड़कों के निर्माण में प्लास्टिक का उपयोग बढ़ाकर सड़कों की लाइफ को बढ़ाया जा रहा है. इसके बाद मप्र रूरल रोड डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बन रही सड़कों को इस तकनीक से बनाया जा रहा है. इंदौर जनपद के गांवों में बनी तीन सड़कों में इसका इस्तेमाल किया गया है.

सड़कों की बढ़ेगी उम्र

डामर की सड़कों की गुणवत्ता व ड्यूरेबिलिटी बढ़ाने के लिए उनमें प्लास्टिक का इस्तेमाल किया जा रहा है. आईआरसी कोड के डामर का आठ प्रतिशत प्लास्टिक सड़क निर्माण सामग्री में मिलाया जाता है. यानि एक किलोमीटर की डामर सड़क में 500 से 550 किलो प्लास्टिक वेस्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है. जानकारों के मुताबिक डामर की सामान्य सड़क की उम्र लगभग पांच साल होती है, लेकिन प्लास्टिक के इस्तेमाल से बनी डामर सड़क की लाइफ दोगुना हो जाती है. इस सड़क के बारिश का पानी कम सोखने के कारण पैचवर्क की समस्या भी कम रहती है.

सॉलिड वेस्ट से निकलेगी प्लास्टिक

जानकारों के मुताबिक इन सड़कों के निर्माण में 40 माइक्रॉन से कम के प्लास्टिक वेस्ट का इस्तेमाल किया जाएगा. सामान्यत: 40 माइक्रॉन से ज्यादा से ज्यादा के प्लास्टिक को रिसाइकल व रियूज भी किया जा सकता है. एमडीए सचिव ने बताया कि शहर से उठाए जाने वाले कचरे में से 40 माइक्रॉन की पॉलीबैग को छांटकर उसे थ्रेडिंग मशीन में बारीक टुकड़े कर डामर में मिलाने लायक बनाया जाएगा.

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मेरठ की सड़कों को भी डामर के साथ प्लास्टिक वेस्ट मिलाकर बनाया जाएगा. इस संबंध में मप्र रूरल रोड डेवलेपमेंट अथॉरिटी को पत्र लिखकर तकनीकि और प्रक्रिया की जानकारी हासिल की गई है, जल्द ही एमडीए की एक टीम इंदौर का दौरा करेगी.

-राजकुमार, सचिव, एमडीए