-कोहरे में भटकते रहे पैंसेजर्स, नहीं मिली बसें

-कुशीनगर, देवरिया जाने वालों को हुई प्रॉब्लम

GORAKHPUR: शहर के रेलवे बस स्टेशन पर शनिवार आधी रात के बाद बसें अचानक गायब हो गई. सर्द रात में घने कोहरे के बीच बस के इंतजार में पैंसेजर्स को ठिठुरना पड़ा. बस के इंतजार में पैंसजर्स एक दूसरे से यह पूछते रहे कि आखिर हमारी बसें कहां चली गई. बस न मिलने से कुशीनगर और देवरिया के पैंसेजर्स को ज्यादा प्रॉब्लम हुई. महराजगंज, सोनौली और लखनऊ रूट के पैंसेजर्स भी इधर-उधर भटकते रहे. रात में बसों की कमी के संबंध में रोडवेज के अधिकारी कोई जवाब नहीं दे सके. माना जा रहा है घने कोहरे की वजह से बसों के संचलन पर असर पड़ रहा है.

दो सौ से अधिक पैसेंजर्स रहे परेशान

कड़ाके की सर्दी और घना कोहरा होने से लोग जल्दी घर पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं. ऐसे में रोडवेज बसों से सफर करने वालों को समस्या उठानी पड़ रही है. रात में 10 बजे के बाद जैसे-जैसे कोहरा बढ़ रहा है. वैसे-वैसे रोडवेज की बसों का चक्का थम जा रहा है. फेरा पूरा करने वाली बसों को डिपो से रवाना नहीं किया जा रहा हैं. शनिवार रात साढ़े 12 बजे के बाद बस अड्डे पर बसों का टोटा हो गया. विभिन्न जगहों के लिए बस के इंतजार में करीब दो सौ यात्री बस स्टेशन पर भटकते रहे.

सटीक जानकारी के अभाव में रहे परेशान

अचानक बसों की किल्लत होने पर कोई सटीक जवाब नहीं दे पा रहा था. बस अड्डे पर मौजूद कर्मचारी भी कुछ बता पाने में असमर्थता जता दे रहे थे. इस वजह से बसों के संबंध में सही जानकारी नहीं मिल पा रही थी. रात में पौने दो बजे तक लोग ठंड में बसों के इंतजार में कांपते रहे. इनमें देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज रूट पर जाने वाले यात्रियों की तादाद ज्यादा थी. सोनौली और लखनऊ जाने वाले पैसेंजर्स को भी हलकान होना पड़ा. रोडवेज से जुड़े लोगों ने बताया कि घने कोहरे में ड्राइवर कोई रिस्क लेना नहीं चाहते हैं. अपना फेरा पूरा करने के बाद ड्राइवर बसों को खड़ी कर देते हैं.

ट्रेन लेट होने से बढ़ी दुश्वारी

जाड़े में ज्यादातर ट्रेन लेट चल रही हैं. गोरखपुर जंक्शन पर ज्यादातर ट्रेन अपनी निर्धारित समय से आठ से 10 घंटे की देरी से पहुंच रही हैं. ट्रेन से उतरकर बसों से घर जाने के लिए पैंसेजर्स जब बस अड्डे जा रहे तो उनको बस की तलाश करनी पड़ रही है. इसके अलावा घने कोहरे का असर बसों के संचलन पर पड़ रहा है. ज्यादातर बसें दो घंटे से ज्यादा की देरी से चल रही है.

फोन नहीं उठाते रोडवेज के अफसर

जिले में तैनात रोडवेज की अफसरों को पब्लिक की समस्याओं से कोई लेना देना नहीं है. रोडवेज की हेल्पलाइन नंबर के भरोसे यात्रियों को छोड़कर रोडवेज अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से पीछा छुड़ा रहे हैं. यात्रियों को होने वाली समस्या से इनका कोई लेना देना नहीं है. रीजनल मैनेजर और गोरखपुर डिपो के आरएम अपना मोबाइल अटेंड नहीं करते हैं. इस वजह से पैंसेजर्स भी किसी समस्या के संबंध में सूचना नहीं दे पाते हैं.