आगरा. ताजनगरी में भी रोहिंग्या मुसलमानों ने शरण ले रखी है. एक रोहिंग्या परिवार पिछले दो वर्ष से सिकंदरा के रुनकता में डेरा डाले हुए है. उसी परिवार के बुलाने पर शनिवार देर रात हैदराबाद से आए 16 रो¨हग्या मुसलमानों के समूह को पुलिस ने फोर्ट रेलवे स्टेशन पर पकड़ लिया. उन पर संयुक्त राष्ट्र संघ का रिफ्यूजी कार्ड मिला है. खुफिया एजेंसियां उनसे पूछताछ में जुटी हैं.

भाषा पर शक हुआ तो पकड़ा

म्यांमार में ¨हसा के बाद रोहिंग्या मुसलमानों ने वहां से पलायन कर दिया. देश के कई हिस्सों में रोहिंग्या मुसलमानों के होने की आशंका जताई जाती रही है. ताजनगरी में पहली बार रोहिंग्या मुसलमानों के शरण लेने की पुष्टि हुई. फोर्ट रेलवे स्टेशन पर शनिवार देर रात ट्रेन से उतरे लोगों की भाषा से एक यात्री को उन पर शक हुआ. उनके साथ महिलाएं और बच्चे भी थे. सूचना पर पहुंची पुलिस उन्हें रकाबगंज थाने ले आई. पूछताछ में उक्त लोगों ने बताया कि वह म्यांमार के रो¨हग्या मुस्लिम हैं. अराकान प्रांत के आइकाफ जिले के रहने वाले हैं.

हिंसा के बाद किया पलायन

वह पलायन कर बांग्लादेश से होकर दो वर्ष पहले हैदराबाद पहुंचे थे. आगरा में रहने वाले परिचित युनूस ने उन्हें बुलाया था. युनूस पत्नी और पांच बच्चों के साथ दो वर्ष से रुनकता क्षेत्र में झोपड़ी डालकर रह रहा है. वह कबाड़ बीनने का काम करता है. पकड़े गए लोगों ने पुलिस को बताया कि उनको काम की तलाश थी. इस मसले पर युनूस से बात हुई. उसने यहां पर कूड़ा बीनने का काम बताया. सभी काम करने आए थे. वे काम कर अपने परिवार का पेट पालना चाहते हैं. सभी की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है.

पकड़े गए रोहिंग्या मुस्लिम

युनिश

शमीम

सलीम

ममता जुल्बा

बाबुलद्दीन

कुला मियां

अब्दुल करीम

कहां से कौन-कौन आए, कैसे पकड़े गए

- हैदराबाद से ट्रेन से आए थे, फोर्ट स्टेशन पर पकड़े

- 16 शरणार्थियों में महिला व बच्चे भी शामिल

- भाषा के आधार पर शक होने पर पुलिस ने पकड़ा

- पकड़े गए लोगों महिला व बच्चे भी शामिल

- संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा जारी रिफ्यूजी कार्ड बरामद

- एक परिचित परिवार रुनकता में डाले हुए है डेरा

- खुफिया एजेंसियों ने की पूछताछ, रखी जा रही नजर