मेट्रो प्लाजा के पार्किंग स्थल पर रोजाना सोते है कई गरीब

अनियंत्रित स्पीड से दौड़ रहा था कंटेनर

Meerut. मेट्रो प्लाजा की पार्किंग में खुले मैदान के नीचे सो रहे सैंकड़ों लोगों की जान बचाने के लिए फुटबाल चौराहे पर बना पार्क खूनी कंटेनर के आगे ढाल बनकर सामने आ गया. अगर फुटबाल पार्क से कंटेनर नहीं टकराता तो घटना के चंद कदम दूर सो रहे मजदूरों को कंटेनर अपनी चपेट में ले लेता. एसपी सिटी रणविजय सिंह ने बताया कि फुटबाल चौराहे पर बने गोल चक्कर ने कई लोगों की जिंदगी बचा दी.

अनियंत्रित थी स्पीड

परतापुर से चले खूनी कंटेनर की इतनी ज्यादा स्पीड थी कि वह रास्ते में डिवाइडर, होर्डिग, ठेले, अस्थाई पुलिस चौकी को उड़ाता हुआ आ रहा था. इसके बाद उसने ईरा माल के सामने मांस से भरे ट्रक को भी टक्कर मारकर खदेड़ दिया. इसके बाद भी कंटेनर की स्पीड कम नहीं हुई.

दूर-दराज से आते हैं लोग

बागपत चौराहे के पास कई गांवों से लोग रात को ही मेट्रो प्लाजा पर पहुंच जाते है. इसके बाद वे वहीं पर खुले में सो जाते है. बुधवार को भी घटना से चंद कदम दूर सैंकड़ों लोग सड़क किनारे खुले आसमान के नीचे सो रहे थे. पुलिस के मुताबिक अगर कंटेनर मेट्रो प्लाजा की तरफ हो जाता तो सड़क पर कई लोग बेमौत मारे जाते.