मुनाफे का खेल, दिल्ली रूट पर दौड़ती हरियाणा अनुबंधित की बसें

अनुबंध के नाम पर बसों के संचालन में फर्जीवाड़ा

हरियाणा रूट की सभी 8 एसी बसों का दिल्ली रूट पर हो रहा संचालन

Meerut. मेरठ से हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली आदि अन्य कई राज्यों में निगम की अनुबंधित बसों की संख्या कम है, जिसके कारण रोडवेज और प्राइवेट बस ऑपरे‌र्ट्स एक साल के अनुबंध पर निर्धारित मार्ग पर बसों का संचालन करते है. बस ऑपरेटर अधिक मुनाफे वाले मार्ग पर संचालन की अनुमति ना मिलने पर बिना अनुमति के ही अलग रूट पर संचालन शुरू कर देते है. सूत्रों के मुताबिक मेरठ से दिल्ली रूट पर प्रति बस रोजाना 2 से 5 हजार रूपये का कमीशन आला अधिकारियों को दिया जाता है. यह कमीशन रूट पर सवारियों की संख्या और राउंड के हिसाब से निर्धारित होता है. इसलिए इस खेल पर कोई रोक लगाने का प्रयास भी नहीं करता. हालांकि, रोडवेज के एआरएम अनिल अग्रवाल ने बताया कि परमिट के अनुसार ही सभी रूटों पर बसों का संचालन हो रहा है. हरियाणा के लिए जिन बसों का अनुबंध है उनके संचालन का निरीक्षण किया जाएगा.

हरियाणा रूट से बस गायब

दरअसल, रोडवेज की निगम और अनुबंधित बसों के लिए दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा का रूट सबसे अधिक लोड फैक्टर और प्रॉफिट वाला है. इस रुट पर रोजाना 20 हजार से अधिक यात्री सफर करते हैं. यात्रियों की सुविधा के लिए मेरठ से दिल्ली के लिए 4 और मेरठ से नोएडा होते हुए आगरा के लिए 5 एसी बसों का संचालन किया जा रहा है. इससे अलग मेरठ से हरियाणा के लिए सोनीपत, गुडगांव, फरीदाबाद के लिए भी गत वर्ष 8 एसी बसों का संचालन शुरू किया था. हालांकि हरियाणा रूट पर संचालित बसों से मुनाफा कम और खर्चा अधिक होने के कारण बस ऑपरे‌र्ट्स ने चोरी-छिपे मनमर्जी से बसों का रूट चेंज कर लिया. हालत यह है कि हरियाणा रूट पर चलने वाली सभी 8 एसी बसों का संचालन दिल्ली रूट पर हाे रहा है.

रोडवेज के राजस्व को फटका

रोडवेज के अनुबंधित बस ऑपरेटरों की मनमानी दैनिक यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है. बस ऑपरेटर रोडवेज के नियमों को ताक पर रखकर अपनी मनमर्जी से प्रॉफिट वाले रूट पर बसों का संचालन कर रहे हैं, जिसके चलते रोडवेज को हर माह लाखों रूपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है.