- कानपुर के 'गुनहगारों' पर 24 करोड़ का जुर्माना

शहर की आबोहवा को दूषित कर रहे चार विभागों पर हुई कार्रवाई

- यूपी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व मॉनिटरिंग कमेटी के सचिव राजेंद्र सिंह ने कूड़ा डंपिंग ग्राउंड का किया था निरीक्षण

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- 15 करोड़ रुपए का जुर्माना नगर निगम पर लगाया गया

- 2 करोड़ रुपए का यूपीपीसीबी पर जुर्माना

- 2 करोड़ का आईएलएंडएफएस पर जुर्माना

- 5 करोड़ का जुर्माना एमपीसीसी पर लगाया गया

kanpur@inext.co.in

KANPUR : शहर की आबोहवा में जहर घोलने वाले गुनाहगारों पर यूपी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और मॉनिटरिंग कमेटी ने कार्रवाई की है। शहर में प्रदूषण के लिए नगर निगम, यूपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और आईएलएंडएफएस को दोषी माना गया है। पूर्व जिला जज व यूपी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और मॉनिटरिंग कमेटी के सचिव राजेंद्र सिंह ने पनकी भौसिंह स्थित नगर निगम के डंपिंग ग्राउंड का 11 जनवरी को निरीक्षण किया था। जिसमें भारी कमियां मिली थीं। रिपोर्ट के आधार पर यूपी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष डीपी सिंह ने एनजीटी को नगर निगम पर 15 करोड़ रुपए, अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई व यूपीपीसीबी और आईएलएंडएफएस पर 2-2 करोड़ का जुर्माना लगाने की सिफारिश की है। साथ ही भौंती स्थित मेडिकल पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी पर भी 5 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है।

पांडू नदी भी प्रदूषित

कमेटी की निरीक्षण रिपोर्ट के मुताबिक डंपिंग ग्राउंड के पास बह रही पांडू नदी भी कूड़े की वजह से प्रदूषित हो रही है। कमेटी ने पाया कि डंपिंग ग्राउंड में रोजाना 750 से 800 टन कूड़ा निस्तारित नहीं किया जाता है। इसकी वजह से कूड़े के पहाड़ बन चुके हैं। कूड़े को न तो ढका गया है और कूड़े को जलता हुआ पाया गया। निर्देश दिए गए कि कूड़े को तत्काल जलाना बंद किया जाए। इसके साथ ही टीम ने अंडर ग्राउंड वाटर की जांच भी कराई।

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पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड भी कटघरे में

यह पहली बार होगा जब प्रदूषण रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई न करने पर यूपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को दोषी माना गया है। इसके अलावा डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा निस्तारण कंपनी आईएलएंडएफएस पर 2-2 करोड़ का पर्यावरणीय हर्जाना लगाने की सिफारिश की है। दोनों को ही कानपुर के पर्यावरण को गंभीर स्थिति में लाने का दोषी माना गया है।

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हाईप्रोफाइल कमेटी का गठन

कानपुर के पॉल्यूशन को ठीक करने के लिए एक हाईप्रोफाइल कमेटी का गठन किया गया है। नगर निगम के कार्य की मॉनिटरिंग के लिए शहरी विकास सचिव, पर्यावरण सचिव, स्वास्थ्य सचिव की टीम का गठन हुआ है। कमेटी नगर निगम के कूड़ा निस्तारण, सफाई और इसके प्रबंधन को मॉनीटर करेगी। प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज सिंह की निगरानी में कमेटी अपना कार्य करेगी।

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पानी के लिए टंकी बनाए

कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में जल निगम को निर्देश हैं कि डंप के आसपास मौजूद रहने वाले लोगों के लिए साफ पानी की सप्लाई के लिए टंकी बनाने का निर्देश दिए हैं। डंप के आसपास रहने वाले पनकी पड़ाव, पनका बादूनगर और कला का पुरवा में रहने वालों के लिए साफ पानी की सप्लाई के लिए टंकी बनाने के निर्देश दिए हैं। जल निगम का 3 महीने का वक्त दिया गया है।

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मेडिकल वेस्ट निस्तारण पर भी तलवार

भैलामऊ, भौंती में मेडिकल वेस्ट निस्तारण के लिए बनी एमपीसीसी पर भी 5 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। मेडिकल वेस्ट का निस्तारण न के बराबर किया जा रहा था। साथ ही यूपीपीसीबी को 50 लाख रुपए एनजीटी में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड भौंती के 3 किमी। दायरे में रह रहे लोगों को मेडिकल चेकअप भी करेगी।