DEHRADUN: राइट टू एजुकेशन (आरटीई) के तहत वंचित और गरीब बच्चों के एडमिशन में प्राइवेट स्कूलों की अब आनाकानी नहीं चलेगी। जिस बच्चे की एडमिशन के लिए लॉटरी फाइनल होगी, उसका एडमिशन करने की जिम्मेदारी स्कूल की होगी। स्कूल को खुद उस बच्चे के पैरेंट्स से संपर्क करना होगा और एक जुलाई से पहले एडमिशन प्रॉसेस पूरी करनी होगी।

प्राइवेट स्कूल करते थे आनाकानी
हर प्राइवेट स्कूल में आरटीई के तहत 25 परसेंट सीटें आरटीई के तहत रिजर्व होती हैं। लेकिन एडमिशन में प्राइवेट स्कूल आनाकानी करते थे। कई बार पैरेंट्स को ही पता नहीं चल पाता था कि उनके बच्चे के एडमिशन की लॉटरी निकली है। एडमिशन के लिए जो पैरेंट्स स्कूल से एप्रोच करते थे, उन्हें भी फॉर्मेलिटी के नाम पर कई चक्कर कटवाये जाते थे। ऐसे में कई सीटें खाली रह जाती थीं और स्कूलों का बहाना होता था कि पैरेंट्स ही बच्चे को एडमिशन के लिए नहीं लाए। लेकिन, अब यह खेल नहीं चलेगा। एजुकेशन डिपार्टमेंट ने प्राइवेट स्कूलों को सर्कुलर जारी करते हुए निर्देश दिए हैं कि जिस बच्चे की लॉटरी एडमिशन के लिए निकलेगी, उसे स्कूल को ही एप्रोच करना होगा और हर हाल में एडमिशन देना होगा।

आज रजिस्ट्रेशन का लास्ट डे
राइट टू एजुकेशन (आरटीई) के तहत एडमिशन प्रॉसेस जारी है। मंडे को रजिस्ट्रेशन का आखिरी दिन है। इसके बाद डॉक्यूमेंट की स्क्रूटनी होगी और 16 मई को लॉटरी सिस्टम से रिजल्ट आउट होगा। सिलेक्ट बच्चों की लिस्ट प्राइवेट स्कूलों को स्टूडेंट्स और पैरेंट्स की पूरी डीटेल के साथ भेज दी जाएगी। स्कूल को बच्चे के पैरेंट्स से संपर्क करना होगा और एक जुलाई तक एडमिशन प्रॉसेस पूरी करनी होगी। संडे तक 1294 प्राइवेट स्कूलों में 95 हजार सीटों के लिए महज 3704 बच्चों के रजिस्ट्रेशन हुए थे। आरटीई के तहत जिन स्टूडेंट्स की लॉटरी निकलेगी। उनको एडमिशन दिलाने की जिम्मेदारी संबधित स्कूल की होगी। स्कूलों को सख्त निर्देश जारी कर 1 जुलाई तक हर हाल में आरटीई के एडमिशन कराना होगा।

एसबी जोशी, अपर राज्य परियोजना निदेशक, शिक्षा परिषद