कॉलेजों ने नहीं दिए आतंरिक और प्रयोगात्मक परीक्षाओं के अंक

लापरवाही

-कॉलेजों की मनमानी और लापरवाही का अब खमियाजा भुगतेंगे परीक्षार्थी

-27 से शुरू होने वाली एमएड प्रवेश की काउंसिलिंग में शामिल न हो पाएंगे

बरेली: आरयू ने सैटरडे को बीएड फाइनल परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया, लेकिन इसमें 15 कॉलेजों के डेढ़ हजार स्टूडेंट का रिजल्ट रोक दिया गया है. ऐसा इसलिए क्योंकि इन कॉलेजों की ओर से छात्र-छात्राओं की आंतरिक और प्रयोगात्मक परीक्षाओं के अंक आरयू को नहीं भेजे गए थे. ऐसे में, नुकसान रिजल्ट रुकने वाले छात्र-छात्राओं को होगा, जो एमएड में प्रवेश के लिए 27 अगस्त से शुरू हो रही काउंसिलिंग में शामिल होने से वंचित रह जाएंगे.

15 कॉलेज के प्राचार्य पर होगा एक्शन

आरयू ने सभी कॉलेजों से आतंरिक और प्रयोगात्मक परीक्षाओं के बीएड परीक्षार्थियों को दिए गए अंक परीक्षा वाले दिन ही मांगे थे लेकिन 130 में से 15 कॉलेजों ने ये अंक उपलब्ध नहीं कराए. उनको ये अंक आरयू की वेबसाइट पर आनलाइन अपलोड कराने थे. ऐसे में, छात्र-छात्राओं को रिजल्ट रुकने से झटका लगा है. परीक्षा नियंत्रक प्रो. एनएन पांडेय ने बताया कि इन कॉलेजों के प्राचार्यो को कई बार रिमाइंडर भेजकर बीएड परीक्षार्थियों के आंतरिक और प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक मांगे गए थे, लेकिन कॉलेजों ने लापरवाही की है. इसकी वजह से रिजल्ट रोकना पड़ा. ऐसे कॉलेजों के प्राचार्य के खिलाफ अब कार्रवाई भी करेंगे.