क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : झारखंड में रूफ टॉप ग्रिड कनेक्टेड सोलर पावर प्लांट के निर्माण का रास्ता साफ नहीं हो पा रहा है. दरअसल, इससे जो बिजली का उत्पादन होगा उसे सरकार मात्र 50 पैसे प्रति यूनिट की दर से खरीदेगी, जबकि बिजली उपभोक्ताओं से पांच रूपए प्रति यूनिट वसूली करती है. इसी वजह से ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट योजना के तहत एक भी प्लांट नहीं लग सका है. हालांकि, कई लोग अपने घरों में रूफ टॉप सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए जेरेडा में आवेदन दे रखा है. मालूम हो कि सरकार डोमेस्टिक यूजर्स के लिए घर के छत पर 5 किलावेाट तक पावर प्लांट लगाने के लिए 50 परसेंट तक की सब्सिडी दे रही है.

22 एजेंसी हैं इंपैनल्ड

ज्रेडा ने ग्रिड कनेक्टेड रूफ टॉॉप सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए 22 एजेंसीज का चयन किया है. इन्हीं में से किसी भी एजेंसी के जरिए मकानों में सोलर पावर प्लांट लगाया जा सकता है. इसके लिए एजेसी को आधा पेमेंट करना होगा जबकि सब्सिडी ज्रेडा देगी. मालूम हो कि सोलर पैनल की उम्र 25 साल की होती है, मेंटेनेंस पर कोई खर्च नहीं आता. इसमे से पांच साल तक देख-रेख एजेंसी द्वारा किया जाएगा.

बेच सकते हैं सरप्लस पावर

इस प्लान के तहत घरों में लगाए जाने वाले ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट से उत्पादन होने वाली बिजली अगर सरप्लस होगी तो उसे आप सरकार को बेच सकते हैं. लेकिन, सरकार मात्र 50 पैसा प्रति यूनिट ही दर से ही यह बिजली परचेज करेगी. इसके तहत एक ग्रिड कनेक्टेड मीटर लगा रहेगा. इससे यह पता चल सकेगा कि कितनी बिजली का उत्पादन हुआ और कितनी बेची गई.

एक केजी के पावर प्लांट पर 70 हजार खर्च

मकान में सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए ज्रेडा 50 परसेंट तक सब्सिडी दे रही है. एक किलोवाट क सोलर पावर प्लांट लगाने का खर्च लगभग 70 हजार रुपए आता है, लेकिन 50 परसेंट राशि यानी 35 हजार रुपए ज्रेडा वहन करती है. ऐसे में 35 हजार रुपए खर्च कर आप अपने मकान को सोलर पावर से रौशन कर सकते हैं. एक किलोवाट क्षमता के रूफ टॉप सिस्टम से हर दिन अवरेज 4 से 5 यूनिट बिजली उत्पादन संभव है.

पांच किलोवाट तक का लगा सकते प्लांट

डोमेस्टिक हाउस होल्डर्स के यहां जितने बिजली की खपत होती है, उतने किलोवाट का ही सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए सब्सिडी दी जा रही है. फिलहाल, एक डोमेस्टिक हाउस होल्ड के लिए पांच किलोवाट का प्लांट लगाया जा जा सकता है, जिसके लिए सरकार 50 प्रतिशत सब्सिडी देगी.