1 अप्रैल से होंगे कई बदलाव, रेलवे में लागू होंगे कई विकल्प

SBI भी बदलने जा रहा है सिस्टम, इनकम टैक्स का स्लैब रेट होगा चेंज

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ALLAHABAD: महीने में कई बार एटीएम से कैश निकालते हैं, तो अपनी आदत सुधार लीजिए. क्योंकि बैंक निर्धारित से अधिक कैश ट्रंाजेक्शन पर चार्ज लगाने जा रहे हैं. रेलवे भी बड़ा बदलाव करते हुए अपने पैसेंजर्स को स्लीपर के टिकट पर राजधानी एक्सप्रेस में भी सफर करने का मौका देने जा रहा है. यानी टिकट कनफर्म नहीं हुआ तो अगली ट्रेन में ट्रांसफर हो जाएगा. इसी तरह के कई और बदलाव एक अप्रैल से हो रहे हैं. जो कहीं राहत देंगे तो कहीं जेब पर असर डालेंगे.

बार-बार कैश निकालने से बचें

कुछ दिनों पहले प्राइवेट बैंक एचडीएफसी ने कैशलेस सिस्टम को बढ़ावा देते हुए नियमों में बदलाव किया था. एक महीने में चार बार से अधिक कैश ट्रांजेक्शन पर चार्ज का प्राविधान किया था. अब एसबीआई भी कैशलेस की ओर बढ़ रहा है. एक अप्रैल से महीने में सिर्फ 3 बार फ्री डिपॉजिट अकाउंट में हो सकेगा. इसके बाद हर डिपॉजिट पर 50 रुपए लगेंगे. मेट्रो सिटी ब्रांच में कम से कम 5000, शहरी ब्रांच में 3000, छोटे शहरों में 2000 और गांवों की ब्रांच में खुले हुए खाते में कम से कम 1000 रुपए रखना अनिवार्य होगा. 5 फ्री ट्रांजेक्शन के बाद 10 रुपए प्रति ट्रांजैक्शन देना होगा. आपके सेविंग्स अकाउंट में 25,000 रुपए से ज्यादा है तो इनमें से कोई भी नियम लागू नहीं होगा. हर तीन महीने में 15 रुपए एसएमएस चार्ज लिया जाएगा.

'विकल्प' दिलाएगा कन्फर्म टिकट

1 अप्रैल 2017 से रेलवे का भी नया नियम लागू होने जा रहा है. रेलवे की नई स्कीम 'विकल्प' के तहत अब पैसेंजर साधारण मेल ट्रेन के टिकट में भी राजधानी जैसी लग्जरी ट्रेन में सफर कर सकते हैं. आपका टिकट कन्फर्म नहीं हुआ है तो आपको अगली ट्रेन में जगह दे दी जाएगी, फिर चाहे वो ट्रेन राजधानी एक्सप्रेस ही क्यों ना हो. विकल्प तभी मिलेगा, जब टिकट बुक करते समय आप विकल्प को चुनेंगे. अगर आप विकल्प चुनते हैं तो वेटिंग टिकट कैंसिल होने पर आपको किराया वापस नहीं मिलेगा, बल्कि अगले सफर का समय दे दिया जाएगा.

दो लाख रुपये होगी कैश लिमिट

बजट 2017 के दौरान कैश ट्रांजेक्शन लिमिट 2 लाख तक करने की बात कही गई थी, फिलहाल ये 3 लाख है. अगर बदलावों को संसद की मंजूरी मिल जाती है तो पेनाल्टी की रकम उतनी ही होगी, जितनी एक्स्ट्रा रकम कैश में ली गई है. यानी अगर किसी ने 5 लाख रुपए कैश में लिए हैं तो उसे 3 लाख रुपए की पेनाल्टी देनी पड़ सकती है. हालांकि, अगर कैश लेने वाले इंसान ने इस ट्रांजैक्शन के लीगल सबूत दे दिए तो पेनाल्टी नहीं लगेगी ये नियम दैनिक लिमिट पर है यानी कि एक दिन में कोई 2 लाख से ज्यादा का कैश ट्रांजैक्शन नहीं कर पाएगा.

टैक्स स्लैब में भी बदलाव

एक अप्रैल से ढाई लाख से 5 लाख रुपये के बीच की इनकम वालों का टैक्स 10 फीसद से घटाकर 5 फीसदी कर दिया जाएगा. सेक्शन 87ए के तहत मिलने वाली 5000 रुपये की छूट को घटाकर 2500 रुपये कर दिया गया है. जिन आयकरदाताओं की आय 3.5 लाख रुपये से ऊपर है, उनके लिए कोई छूट नहीं है. इसका मतलब यह होगा कि 3 से 5 लाख रुपए की कर योग्य आय वालों को 7,700 रुपए की बचत होगी, जबकि 5 से 50 लाख रुपए टैक्सेबल इनकम वालों को 12,900 रुपए की बचत होगी.

महंगी होंगी ये चीजें

सिगरेट

सिगरेट पर उत्पाद शुल्क 215 रुपये प्रति हजार से बढ़कर 311 रुपये प्रति हजार हो रहा है. अब सिगरेट का शौक फरमाने वालों को ये धुंआ उनके स्वास्थ्य के साथ-साथ जेब पर भी महंगा पड़ेगा.

एक अप्रैल से महंगा हो जाएगा हेल्थ और कार-बाइक इन्श्योरेंस

मोबाइल फोन बनाने के लिए इस्तेमाल में लाए जाने वाले प्रिंटेड सर्किट बोर्ड पर भी सीमा शुल्क लगा दिया गया है. इससे अब मोबाइल फोन भी महंगे होने वाले हैं.

एलईडी बल्ब बनाने के लिए इस्तेमाल में लाई जाने वाली सामग्री पर भी मूल सीमा शुल्क और 6 प्रतिशत प्रतिपूर्ति शुल्क लगेगा. इससे एलईडी बल्ब महंगे हो जाएंगे.

एल्यूमीनियम पर सरकार द्वारा अयस्क और कनसंट्रेट पर 30 प्रतिशत आयात शुल्क लगा दिया गया है, इस वजह से इससे जुड़े तमाम पदार्थ महंगे हो जाएंगे.

ये सामान होंगे सस्ते

लैदर के सामान, प्राकृतिक गैस, निकिल, बायोगैस, नायलॉन, रेल टिकट खरीदना, सस्ता घर, मध्यम वर्ग को टैक्स में राहत, भू अधिग्रहण पर मुआवजा टैक्स फ्री, सौर ऊर्जा बैटरी और पैनल, पवन चक्की, आरओ, प्वाइंट ऑफ सेल मशीन, पार्सल आदि