-जिले में महज 15 रेडियोलॉजिस्ट ही पंजीकृत, सेंटर सैकड़ों

-धड़ल्ले से चल रहे सेंटर मरीजों की जेब कर रहे हल्की

रेडियो डायग्नोसिस सेंटर्स का धंधा
इन डाग्नोसिस सेंटर्स में सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, एमआरआई, एक्स-रे आदि रेडियो डायग्नोसिस की जाती है. अल्ट्रासाउंड जांच के लिए 6 महीने की ट्रेनिंग भी दिलाई जाती है. इसके बाद ही कोई भी अल्ट्रासाउंड कर सकता है. साथ ही स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ भी अल्ट्रासाउंड कर सकती हैं. लेकिन अन्य रेडियो डायग्नोसिस बिना रेडियोलॉजिस्ट के नहीं की जा सकती है. बावजदू इसके तमाम सेंटर्स में एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्स-रे आदि रेडियो डायग्नोसिस धड़ल्ले से की जा रही है. इन सेंटर्स पर वैसे तो किसी रेडियोलॉजिस्ट का नाम लिखा होता है. लेकिन जब भी इन सेंटर्स पर स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच के लिए पहुंचती है तो वहां रेडियोलॉजिस्ट नहीं मिलते. अनट्रेंड लोग इन सेंटर्स को चलाते हुए पकड़े जाते हैं. महज 15 रेडियोलॉजिस्ट के हस्ताक्षर से 300 के करीब अस्पताल रिपोर्ट जारी कर देते हैं. सूत्रों की मानें तो कुछ रेडियोलॉजिस्ट की शह पर इन रेडियो डायग्नोसिस सेंटर्स का धंधा चल रहा है. इसके बदले इन सेंटर्स से हर माह निश्चित कमीशन रेडियोलॉजिस्ट को भेज दिया जाता है.

जानलेवा हो सकती है यह लापरवाही
अनट्रेंड लोगों द्वारा चलाए जा रहे रेडियो डायग्नोसिस सेंटर मरीजों के लिए जानलेवा भी बन सकते हैं. इन जांचों में पैदा होने वाला विकिरण मरीज के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल सकता है. कुछ दिन पहले इसी तरह एक अनट्रेंड स्टाफ की जांच के दौरान एमआरआई मशीन में फंसकर एक मरीज की मौत का मामला सामने आया था.

सील हुए 19 सेंटर
पिछले साल स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ऐसे सेंटर्स के खिलाफ अभियान चलाया तो 19 रेडियो डायग्नोसिस सेंटर सील किए. इनमें से सात के खिलाफ पुलिस में केस भी कराया गया है.

स्वास्थ्य विभाग से मिले आकड़े
रेडियोलॉजिस्ट के हस्ताक्षर से चलने वाले हॉस्पिटल---300

-स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत रेडियोलॉजिस्ट-------15

-एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन पंजीकृत---214

केस 1-
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पिछले महीने बेतियाहाता स्थित मैक्स डाग्नोस्टिक सेंटर पर छापेमारी की थी. यहां डॉक्टर व टेक्नीशियन मौजूद नहीं थे. अनट्रेंट व्यक्ति द्वारा मरीजों की जांच की जा रही थी. टीम ने कागजात न मिलने पर सेंटर सील कर दिया.

केस 2-
20 जनवरी को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज रोड स्थित विष्णु मंदिर के पास न्यू लाइफ लाइन डायग्नोस्टिक एंड रिसर्च सेंटर पर छापेमारी की थी. इस दौरान वहां पर कोई डॉक्टर या ट्रेंड स्टाफ नहीं मिला था. टीम ने सेंटर को सील कर दिया.

छापेमारी के साथ कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार सेंटर्स पर छापेमारी के साथ कार्रवाई की जा रही है. जिन सेंटर्स ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है. उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
डॉ. रवींद्र कुमार, सीएमओ