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-कुंभ मेला में बारह से पंद्रह करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का है अनुमान

-अनुमान हुआ सच तो दोनों देशों से अधिक हो जागी प्रयाग की आबादी

dhruva.shankar@inext.co.in

ALLAHABAD: यूनेस्को से कुंभ मेला को सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल किए जाने के बाद उसके वैभव को पूरी दुनिया को दिखाने के लिए तैयारियां की जा रही हैं. प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने तो कुंभ मेला के दौरान देश-दुनिया से बारह से लेकर पंद्रह करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया है. इस आधार पर कहा जा सकता है कि मेला अवधि के दौरान अपना प्रयाग रूस और जापान जैसे विकसित देशों की जनसंख्या की तुलना में उन्हें पीछे छोड़ देगा. इस दौरान यह दुनिया के टॉप टेन देशों की सूची में नौवें स्थान पर भी पहुंच जाएगा.

कहां की कितनी है जनसंख्या

चीन- 139 करोड़

भारत- 125 करोड़

अमेरिका- 32 करोड़

इंडोनेशिया- 26 करोड़

पाकिस्तान- 21 करोड़

ब्राजील -20 करोड़

नाइजीरिया- 19 करोड़

बांग्लादेश- 16 करोड़

रूस- 14.5 करोड़

जापान- 12 करोड़

पिछड़ जाएंगे देश

कुंभ मेला के दौरान यानि पंद्रह जनवरी से चार मार्च के बीच तम्बुओं की नगरी में पंद्रह करोड़ श्रद्धालुओं के ठहरने का अनुमान है. इस लिहाज से रूस और जापान जनसंख्या के मामले में प्रयाग से पिछड़ जाएंगे..

-देश के छह लाख गांवों में वहां के प्रधान के जरिए कुंभ में शामिल होने का निमंत्रण भेजा जाएगा. सीएम योगी आदित्यनाथ प्रयाग में दो बार इसका ऐलान कर चुके हैं.

-पर्यटन विभाग के जरिए हेड ऑफ मिशन में शामिल 180 देशों के प्रतिनिधियों को कुंभ में आमंत्रित किया जाएगा. शुरुआत सितम्बर के पहले सप्ताह में मुख्यालय से होगी.

-पहली बार मेला एरिया को पंद्रह किमी के दायरे में बसाए जाने की योजना है. इसे फाफामऊ से लेकर अरैल के आगे डीपीएस तक और छतनाग तक बीस सेक्टरों में बांटा जाएगा.

प्रयागराज मेला प्राधिकरण की जितनी भी बैठकें हुई है उनमें अधिकारियों के द्वारा पंद्रह करोड़ तक श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई गई है. उसी के अनुसार मेला एरिया में भीड़ नियंत्रण से लेकर मूलभूत सुविधाओं की तैयारियां की जा रही है.

-विजय किरण आनंद, कुंभ मेलाधिकारी