-नगर निगम की चौकियों ताला लगाकर कर्मचारी रहते हैं नदारद

-शहर में सफाई न होने व सीवर की प्रॉब्लम से जुड़ी समस्याओं की आई बाढ़

-परेशान पब्लिक को शिकायत दर्ज कराने को करनी पड़ रही है दौड़भाग, नहीं दिया जा रहा ध्यान

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नगर निगम की ओर से शहर में बनाई गई सफाई चौकियों पर कर्मचारियों की मनमानी चरम पर है. यहां तैनात कर्मचारी अक्सर चौकी पर ताला लटकाकर नदारद रहते हैं. इससे पब्लिक को अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए नगर निगम के जोन व प्रधान कार्यालय तक दौड़भाग करनी पड़ रही है. इधर बीच, सफाई चौकियों के कर्मचारियों की पब्लिक की परेशानियों पर ध्यान न देने की तमाम शिकायतें सामने आई हैं. अफसरों के औचक निरीक्षण में भी कर्मचारी ड्यूटी से नदारद मिले हैं. और जब दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने शहर की कुछ सफाई चौकियों पर तैनात कर्मचारियों के कामकाज का सच जानने के लिए रियलिटी चेक किया तो चौंकाने वाले फैक्ट सामने आये. दो चौकियों पर ताला लटका मिला.

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सिगरा वार्ड चौकी

नगर निगम मेन ऑफिस के ठीक पीछे सिगरा वार्ड की सफाई चौकी स्थित है. यहां दैनिक जागरण आई नेक्स्ट के रिपोर्टर के पहुंचने पर चौकी के बाहर ताला लगा मिला और अंदर कोई कर्मचारी नजर नहीं आया. यहां कोई बताने वाला नहीं था कि कर्मचारी कब रहते हैं और कब जाते हैं. नगर निगम की नाक के नीचे जब यह हाल है तो अन्य चौकियों का हाल खुद समझा जा सकता है.

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भेलूपुर जोन ऑफिस चौकी

भेलूपुर जोन ऑफिस में बनी सफाई चौकी पर भी दोपहर में ताला लटका था. कर्मचारियों का अता-पता नहीं था. आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि अक्सर कर्मचारी चौकी से नदारद रहते हैं.

व्यवस्था हो टाइट तो कर्मी हों राइट

नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग की ओर से करीब 25 साल पहले शहर में सफाई चौकियों की स्थापना इस उद्देश्य से की गई थी कि पब्लिक सफाई, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने समेत अन्य बुनियादी समस्याएं होने पर यहां शिकायत कर सके. फिर कर्मचारी शिकायत को खुद या फिर अफसरों के संज्ञान में लाकर उसका समाधान करा सकें, लेकिन कर्मचारियों की मनमानी से निगम की इस मंशा पर पानी ही फिर रहा है. अफसरों के निरीक्षण आदि के बाद चौकियों पर कर्मचारी मुस्तैद हो जाते हैं, लेकिन उसके कुछ ही दिनों बाद वहां स्थिति फिर पहले जैसी ही नजर आने लगती है.

हेल्पलाइन पर बढ़ीं शिकायतें

नगर निगम की हेल्पलाइन और उच्चाधिकारियों के पास ऐसी शिकायतों की संख्या बढ़ गई है, जिनका समाधान सफाई चौकियों या जोन ऑफिसेज के माध्यम से हो सकता है. खासकर शहर के विभिन्न मोहल्लों में इन दिनों सफाई न होने व सीवर प्रॉब्लम से जुड़ी शिकायतों की भरमार हो गई है. ऐसा सफाई चौकियों के निष्क्रिय होने से ही हुआ है. शिकायत करने वालों में पब्लिक के साथ ही बड़ी संख्या में पार्षद भी शामिल हैं.

एक नजर

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जोन हैं शहर में

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सब जोन हैं नगर निगम के

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सफाई चौकियां हैं निगम की

04 से 07

कर्मचारी तैनात हैं चौकियों पर

14

सफाई निरीक्षक तैनात हैं निगम में

2,750

सफाईकर्मी हैं नगर निगम में

सफाई चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को पब्लिक की समस्या दूर करने की सख्त ताकीद की गई है. अगर वे ऐसा नहीं कर रहे हैं तो जांच कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

डॉ. एके दूबे, नगर स्वास्थ्य अधिकारी