-वेरीफिकेशन में देरी होने से सहज जनसेवा केन्द्रों से समय से नहीं मिल पा रहा आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र

-व्यवस्था ऑनलाइन होने के बावजूद लोगों को केन्द्रों का लगाना पड़ रहा है चक्कर

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VARANASI

Case-1

कस्तूरबा नगर निवासी स्टूडेंट हिमांशु जाति प्रमाणपत्र बनवाने के लिए सहज जनसेवा केन्द्र का पिछले बीस दिन से चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन वेरीफिकेशन नहीं होने से अब तक सर्टिफिकेट नहीं मिल सका है. उन्होंने इसकी शिकायत अफसरों से की है.

Case-2

हरहुआ के महावीर प्रसाद को निवास प्रमाणपत्र बनवाना है. दो दिन से वे जनसेवा केन्द्र जा रहे रहे हैं, लेकिन कभी सर्वर डाउन तो कभी लिंक फेल होने का कारण बताकर उन्हें टरका दिया जा रहा है.

ये केसेज तो बानगी भर हैं. हकीकत यह है कि सहज जनसेवा केन्द्रों से पब्लिक को अपेक्षा के अनुरूप सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं. आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र, खतौनी आदि लेने में उन्हें पसीने छूट जा रहे हैं. केन्द्रों पर लिंक फेल या सर्वर डाउन का बहाना कर कर्मचारी लोगों को घंटों रोके रहते हैं. अगर आवेदन हो भी गया तो वेरीफिकेशन आदि के नाम पर उन्हें कई बार दौड़ाया जाता है. जबकि इन कार्यो के पूरा होने का निर्धारित समय है. लेकिन तय समय में काम पूरा होना मुश्किल है.

25 फीसदी सेंटर्स नॉन एक्टिव

दरअसल, पब्लिक को नौ विभागों की 26 सर्विसेज मुहैया कराने के लिए डिस्ट्रिक्ट में सहज जनसेवा केन्द्र खोले गए हैं. इसका मकसद है कि लोगों को इन कार्यो के लिए कार्यालयों का चक्कर ना काटना पड़े. साथ ही उनका पैसा और समय भी बचे, लेकिन करीब 25 फीसदी जनसेवा केन्द्र नॉन एक्टिव हो चुके हैं. विभागीय अफसरों के मुताबिक इन सेंटर्स पर पिछले छह महीने में कोई आवेदन नहीं हुआ है और न ही प्रमाणपत्र बना है.

शहर या कस्बा, हर जगह दिक्कत

सरकार के ई-गवर्नेस सिस्टम के तहत ज्यादा से ज्यादा सेवाओं को ऑनलाइन किया जा रहा है, ताकि पब्लिक को समय से सरकारी सेवा का फायदा मिले. साथ ही बिचौलियों से भी छुटकारा मिले. लेकिन सहज जनसेवा केन्द्र चाहे शहर का हो या फिर कस्बों, बाजारों के सेंटर्स. ज्यादातर में समय से काम होना मुश्किल है. कस्बों के जनसेवा केन्द्रों पर सर्वर की धीमी स्पीड, लिंक फेल होना, काफी समय तक बिजली आपूर्ति बाधित होना, डिवाइसेज खराब होना आदि के चलते काम रुक जाते हैं. वहीं शहर में आवेदकों के वेरीफिकेशन की प्रॉब्लम सामने आती है. इससे निर्धारित समय में आवेदक का काम नहीं हो पाता है. कई जगह आवेदकों ने ज्यादा पैसा लेने की शिकायत भी की है.

सेंटर पर होते हैं ये कार्य

- आय प्रमाणपत्र बनाना

- निवास प्रमाणपत्र बनाना

- जाति प्रमाणपत्र बनाना

- जमीनों की खतौनी

- कुटुम्ब रजिस्टर की नकल

- स्कॉलरशिप की प्रक्रिया

- विधवा पेंशन की प्रक्रिया

- वृद्धा पेंशन की प्रक्रिया

- विकलांग पेंशन की प्रक्रिया

- अटल पेंशन की प्रक्रिया

एक नजर

710

सहज जनसेवा केन्द्र इस समय संचालित हैं जिले में

100

जनसेवा केन्द्र शहर में दे रहे हैं सेवा

202

जनसेवा केन्द्र हो चुके हैं नॉन एक्टिव

07

दिन है स्टूडेंट्स के कार्यो के लिए निर्धारित समय

- 15 दिन होता है अन्य कार्यो के लिए तय समय

20

रुपये है प्रमाणपत्र जारी करने का शुल्क

30 रुपये है जमीनों की खतौनी जारी करने की फीस

कस्बों के सहज जनसेवा केन्द्रों पर इंटरनेट से जुड़ी प्रॉब्लम आती है. शहर में ये दिक्कत नहीं है. निर्धारित समय में प्रमाणपत्र जारी किया जाता है. अगर कहीं दिक्कत है तो आवेदक शिकायत करे. केन्द्र संचालक पर कार्रवाई होगी.

प्रसून अग्रवाल, ई डिस्ट्रिक्ट मैनेजर