सुब्रत राय ने 3 हफ्ते के पैरोल की याचिका की थी
सुब्रत राय को 4 हफ्ते की पैरोल मिलने का मतलब ये नहीं है कि उनके खिलाफ चल रह मामलों में उन्हें राहत मिली है। उनके निजी जीवन में हुई एक दुखद घटना के चलते सुप्रीम कोर्ट ने ये फैसला सुनाया है। सुब्रत रॉय सहारा की मां श्रीमती छवि रॉय का 95 वर्ष की उम्र में गुरुवार रात देहांत हो गया था। उनके अंतिम संस्कार के लिए सुब्रत रॉय को ये पैरोल मिली है। सुब्रत रॉय सहारा ने अपनी मां के अंतिम संस्कार और अन्य धार्मिक कर्मकांड के लिए 3 हफ्ते के पैरोल की याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की थी जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।

पैरोल के दौरान सादे कपड़ो में सुब्रत राय के साथ मौजूद होगी पुलिस
चीफ जस्टिस टी.एस. ठाकुर की अध्यक्षता वाली बेंच ने पैरोल देते हुए कहा कि इन चार हफ्तों के दौरान सुब्रत के साथ सादे कपड़े में पुलिसवाले रहेंगे। कोर्ट ने ये भी कहा है कि दिल्ली के कमिश्नर तय करेंगे कि कितने पुलिसवाले सुब्रत रॉय सहारा के साथ रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम संस्कार और क्रिया के लिए लखनऊ, हरिद्वार और गंगा सागर जाने की इजाजत दी है लेकिन सुब्रत सहारा देश छोड़कर नहीं जा सकते हैं। कोर्ट की स्पेशल बेंच ने सुनवाई करते हुए सुब्रत राय के साथ उनके बहनोई अशोक राय चौधरी को भी कस्टडी पैरोल दी है।

सुप्रीम कोर्ट की स्‍पेशल बेंच ने की सुब्रत की याचिका की सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अगुवाई वाली स्पेशल बेंच ने आज दोपहर 2 बजे मामले की सुनवाई की और सहारा के वकील कपिल सिब्बल की पैरोल की दलीलों के आधार पर उन्हें कस्टोडियल पेरोल पर रिहा करने के आदेश दिए। ज्ञात हो कि उनकी दो कंपनियों, सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन और सहारा हाउसिंग इंवेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड ने 2008 और 2009 में लोगों का पैसा जमा किया था। शीर्ष अदालत ने यह पैसा निवेशकों को लौटाने का आदेश दिया जिसमें राय नाकाम रहे और जेल पहुंच गए।

26 महीनो से निवेशकों का पैसा न लौटाने के चलते जेल में सुब्रत राय
बाजार नियामक सेबी के साथ विवाद के चलते सुब्रत रॉय 26 महीने से जेल में बंद हैं। सहारा के निवेशकों को पैसे नहीं लौटाने की वजह से सुब्रत राय 4 मार्च 2014 से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं। 29 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने सेबी और कैपिटल मार्केट रेग्युलेटर सिक्यॉरिटीज से सहारा की संपत्तियों की बिक्री करने को कहा था। सहारा प्रमुख सुब्रत राय की रिहाई के लिए जमानत राशि जुटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सेबी से सहारा समूह की 87 संपत्ति की बिक्री करने के लिए कहा है। सेबी के वकीलों के मुताबिक सहारा समूह की 40,000 करोड़ रुपये की संपत्ति की बिक्री एक बड़ी मेहनत और लंबी प्रक्रिया का काम है जिसके लिए समय लगेगा।

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