- शहीद हमीर और मनदीप के घर पसरा मातम

- जवानों की शहादत पर हर किसी को गर्व

RISHIKESH: शरहद पर देश की रक्षा करते हुए उत्तराखंड के दो लाल शहीद हो गए. कुंजापुरी कॉलोनी, भट्टोंवाला मार्ग गुमानीवाला निवासी हमीर सिंह पोखरियाल रविवार की सुबह गुरीज सेक्टर में आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए. उधर, बांदीपुर के गुरेज सेक्टर में आतंकियों से हुई मुठभेड़ के दौरान ग्राम शिवपुर निवासी गढ़वाल राइफल्स रेजीमेंटल सेंटर का जवान मनदीप सिंह रावत वीरगति को प्राप्त हो गए.

बांदीपुरा में गुरीज सेक्टर में तैनात थे हमीर

हमीर सिंह पोखरियाल (27 वर्ष) पुत्र जयेंद्र सिंह पोखरियाल वर्ष 2013 में 12वीं गढ़वाल राइफल में भर्ती हुआ था. वर्तमान में वह 36 राष्ट्रीय राइफल में जम्मू-कश्मीर के बांदीपुरा में गुरीज सेक्टर में तैनात था. मंगलवार को दोपहर करीब बारह बजे आर्मी हेडक्वार्टर से परिजनों को फोन आया कि हमीर सिंह आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गया है. यह खबर सुनकर घर में कोहराम मच गया. शहीद हमीर पोखरियाल के पिता सशस्त्र सेना बल (एसएसबी) में उप निरीक्षक के पद पर हैं. वह भी वर्तमान में अमरनाथ यात्रा के चलते जम्मू-कश्मीर में ही तैनात हैं. घर में हमीर की पत्नी, एक ढाई वर्ष की बेटी, मां और एक छोटा भाई है. 27 वर्षीय शहीद हमीर पोखरियाल का परिवार मूल रूप से लंबगांव के पोखरियाल गांव टिहरी गढ़वाल का रहने वाला है. मंगलवार की दोपहर हमीर के घर पर यह जैसे ही उनके वीरगति को प्राप्त होने की खबर पहुंची तो घर में कोहराम मच गया. विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने शहीद के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी.

मुठभेड़ में कोटद्वार का मनदीप शहीद

KOTDWAR: पाकिस्तान की ओर से उत्तरी-कश्मीर में बांदीपुर के गुरेज सेक्टर में फाय¨रग की आड़ में घुसपैठ की कोशिश कर रहे आतंकियों से हुई मुठभेड़ के दौरान ग्राम शिवपुर निवासी गढ़वाल राइफल्स रेजीमेंटल सेंटर का जवान मनदीप सिंह रावत शहीद हो गए. सेना की ओर से मनदीप की शहादत की सूचना बुधवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे उनके परिजनों को दी गई, जिसके बाद से उनके घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है. मुठभेड़ में एक मेजर समेत चार जवान शहीद हुए व उन्हीं शहीद जवानों में कोटद्वार के ग्राम शिवपुर निवासी मनदीप सिंह रावत (28 वर्ष) भी शामिल है. पूर्व सैनिक बुथी सिंह रावत के पुत्र मनदीप 15 गढ़वाल राइफल्स में थे व छह माह पूर्व ही उनकी तैनाती 36-आरआर में हुई थी. मनदीप की शहादत की सूचना के बाद से ही उनके आवास में मातम छाया हुआ है.