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PRAYAGRAJ: प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया के कैंपेन को संत और महात्माओं का भी सपोर्ट मिल रहा है. इसका नजारा कुंभ मेले में दिख रहा है. संत-महात्मा खरीददारी के बाद पेंमेंट के लिए ई-पेमेंट को अधिक तरजीह दे रहे हैं. शिविर तैयार कराने में इस्तेमाल प्लाई बोर्ड समेत अन्य सजावटी सामान हो या अन्न क्षेत्र चलाने के लिए जरूरी आटा, चावल, दाल, चीनी से लेकर ड्राईफ्रूट की खरीददारी. संत महात्माओं को कैश भुगतान से ज्यादा अच्छा ई-पेमेंट का तरीका लग रहा है.

ई-पेमेंट से होती है अधिक सुविधा
कुंभ मेला क्षेत्र के सेक्टर 16 में पंचवटी पलवल नगर खालसा के शिविर में प्रतिदिन करीब दो से ढाई हजार लोगों के लिए भोजन तैयार किया जाता है. इसके लिए बड़ी मात्रा में अनाज की जरूरत होती है. शिविर का संचालन कर रहे दिगंबर अनि अखाड़ा केमहामंडलेश्वर स्वामी कामता दास एवं महामंडलेश्वर स्वामी राघव दास कर रहे है. स्वामी राघव दास ने बताया कि इतनी बड़ी संख्या में प्रसाद तैयार कराने के लिए बड़ी मात्रा भोजन सामग्री की आवश्यकता होती है. इसके लिए प्रयागराज शहर के अलग-अलग क्षेत्र के कई बड़े व्यापारियों से इन सामग्री की अपूर्ति करायी जाती है. ऐसे में ई-पेमेंट के जरिए भुगतान करने में ज्यादा आसानी होती है. वहीं प्रखर परोपकार मिशन के स्वामी पूर्णानंद पूरी महाराज बताते हैं कि सेक्टर 15 में शिविर निर्माण में काफी मात्रा में प्लाई बोर्ड और कपड़े का इस्तेमाल हुआ है. इन सामानों को कानपुर, अलीगढ़ समेत कई शहरों से मंगाया गया. ऑडर देने के बाद ई पेमेंट कर दिया गया. इससे कैश लेकर वहां जाने की झंझट से मुक्ति मिली. चरखी दादरी आश्रम प्रमुख दंडी स्वामी ब्रम्हाश्रम बाताते है कि अभी तक कैश के जरिए पेमेंट में कई तरह की दिक्कत आती है. हमारे यहां भी पूरे एक माह अन्न क्षेत्र चलाया जाता है. ऐसे में ई पेमेंट के यूज से व्यापारी के साथ हमको भी आसानी से होती है.