रोजगार योजनाओं की प्रगति धीमी होने पर नाराजगी

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ALLAHABAD: अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लिमिटेड के अध्यक्ष डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने रोजगार योजनाओं की धीमी प्रगति पर विभाग के अधिकारियों पर नाराजगी जताई. शुक्रवार को सर्किट हाउस में आयोजित योजनाओं की समीक्षा में उन्होंने ऋण वसूली व योजनाओं की धीमी प्रगति पर इलाहाबाद मंडल के सभी एडीओ और वीडीओ का वेतन रोकने का निर्देश दिया.

समीक्षा बैठक में विकास निगम अध्यक्ष को बताया गया कि पं. दीनदयाल उपाध्याय स्वत: रोजगार योजना में वित्तीय वर्ष 2018-19 में इलाहाबाद में 2800 लक्ष्य के सापेक्ष बैंकों में 735 आवेदन पहुंचे. इसमें 157 आवेदन स्वीकृत हुए. कौशांबी में 1340 लक्ष्य के सापेक्ष बैंकों में 88 आवेदन पहुंचे. इसमें पांच आवेदन ही स्वीकृत हुए. फतेहपुर में 1600 के सापेक्ष बैंकों में 76 आवेदन आए. इसमें 10 आवेदन ही स्वीकृत हुए. प्रतापगढ़ में 1700 के सापेक्ष बैंकों में 126 आवेदन में मात्र 18 आवेदन स्वीकृत हुए. दुकान निर्माण योजना की समीक्षा में इलाहाबाद में 32 के सापेक्ष 15 दुकानों का चयन हुआ है. कौशांबी में 13, प्रतापगढ़ में 2 एवं फतेहपुर में 2 दुकानों का लक्ष्य दिया गया है. उन्होंने इलाहाबाद मंडल के सभी जिलों में ऋण वसूली के कार्यो में धीमी रफ्तार होने पर समाज कल्याण विभाग के सहायक विकास अधिकारियों, ग्राम विकास अधिकारियों का वेतन रोकने के साथ उन्हें नोटिस जारी करने का निर्देश दिया.

प्रोन्नति में आरक्षण खात्मे की माया ने बनाई थी जमीन

अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष ने कहा कि वोट की राजनीति दलितों के विकास पर भारी पड़ रही है. चार बार मुख्यमंत्री रहीं मायावती ने कभी भी दलितों के उत्थान के लिए काम नहीं किया. कहा कि मायावती ने प्रोन्नति में आरक्षण समाप्त करने की जमीन तैयार की. सपा ने प्रोन्नति में आरक्षण का बिल फड़वाया.