- निवेश मित्र में एनओसी के लिए आई 250 एप्लीकेशन, 150 को मिली मंजूरी

- एक जुलाई से पूरे प्रदेश में उद्योगपतियों को निवेश मित्र के जरिए एनओसी

ashok.mishra@inext.co.in

LUCKNOW : सूबे में उद्योगों का जाल बिछाने की योगी सरकार की कवायद ने असर दिखाना शुरू कर दिया है. सब ठीक रहा तो मई के दूसरे हफ्ते में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंवेस्टर्स समिट में बुने गये ख्वाब को साकार करने यूपी आएंगे. इस दौरान वह करीब 50 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे. इसके लिए राज्य सरकार उन्हें आमंत्रित करने जा रही है. ध्यान रहे कि इंवेस्टर्स समिट का शुभारंभ भी पीएम मोदी ने ही किया था जबकि समापन कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आए थे. अब राज्य सरकार बड़े पैमाने पर होने वाले शिलान्यास कार्यक्रम में भी पीएम मोदी को बुलाने की तैयारी में है. मालूम हो कि किसी भी प्रदेश में हुई इंवेस्टर्स समिट के बाद इतने बड़े पैमाने पर शिलान्यास कार्यक्रम पहली बार आयोजित किया जा रहा है.

150 कंपनियों को एनओसी दे चुके

उद्योग विभाग के सूत्रों की मानें तो पीएम मोदी को आगामी 14 अथवा 15 मई को होने वाले शिलान्यास कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाएगा. इस अवसर पर उन केंद्रीय मंत्रियों को भी बुलाने की तैयारी जो इंवेस्टर्स समिट का हिस्सा बने थे. वहीं दूसरी ओर इससे पहले तैयारियों को अमली जामा पहनाने के लिए अफसरों ने कमर कस ली है. पीएम मोदी द्वारा 21 फरवरी को आयोजित इंवेस्टर्स समिट में लांच किये गये निवेश मित्र पोर्टल में आने वाली एनओसी की एप्लीकेशन को प्राथमिकता पर निपटाया जा रहा है. बुधवार को इस बाबत हुई समीक्षा बैठक में जानकारी दी गयी कि अब तक 230 इंटरप्रेन्योर्स की ओर से 250 एप्लीकेशन निवेश मित्र पर आई हैं जिनमें से 150 को एनओसी प्रदान की जा चुकी है. यह एनओसी उनके लॉग इन पर अटैच करके भेजी जा चुकी है ताकि उन्हें किसी दफ्तर का चक्कर न काटना पड़े.

जुलाई से हर एनओसी ऑनलाइन

वहीं दूसरी ओर यूपी में निवेश की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए उद्योगपतियों को हर विभाग की एनओसी ऑनलाइन दिए जाने की शुरुआत आगामी एक जुलाई से शुरू हो जाएगी. दरअसल राज्य सरकार नहीं चाहती है कि उद्योगपतियों को किसी भी एनओसी के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़े. इसकी वजह से भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिलता है. लिहाजा तीन महीने के भीतर सारे विभागों को निवेश मित्र से जोड़ा जाना है. फिलहाल 20 विभागों की 69 तरह की एनओसी निवेश मित्र के माध्यम से दी जा रही है. वहीं सभी जीएम डीआईसी को निर्देशित किया जा चुका है कि वह अपने जिले में मॉनिटरिंग करें कि किस विभाग की कितनी एप्लीकेशन पेंडिंग हैं और इस बाबत डीएम को सूचित करें.

इन विभागों की मिल रही एनओसी

श्रम, स्टांप व रजिस्ट्रेशन, वन, पर्यावरण, लोक निर्माण, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि-औषधि प्रभाग, ऊर्जा, नगर विकास, आवास, राजस्व, आबकारी, बांट-माप, रजिस्ट्रार, फ‌र्म्स ए सोसाइटीज एवं चिट्स, विद्युत सुरक्षा, अग्निशमन तथा उप्र राज्य औद्योगिक विकास निगम (यूपीएसआईडीसी), पिकप, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण.

फैक्ट फाइल

- 50 हजार करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का होना है शिलान्यास

- 14 या 15 मई को शिलान्यास कार्यक्रम में पीएम को करेंगे आमंत्रित

- 250 से ज्यादा एनओसी की एप्लीकेशन निवेश मित्र में रजिस्टर्ड

- 150 से ज्यादा एप्लीकेशन पर कार्यवाही, प्रदान की गयी एनओसी

- 20 विभागों की 69 तरह की एनओसी मिल रही निवेश मित्र के जरिए

- 01 जुलाई से हर विभाग की एनओसी मिलेगी निवेश मित्र के जरिए

कोट

राज्य में व्यवसाय की सहजता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) के एक महत्वपूर्ण अंग के रूप में इस नयी प्रणाली के प्रारंभ के बाद इसके माध्यम से विभिन्न विभागों द्वारा निवेशकों को 150 स्वीकृतियां उप्र जनहित गारंटी एक्ट 2011 के अन्तर्गत जारी कर दी गई हैं तथा 100 आवेदन को मंजूरी देने की प्रक्रिया जारी है.

संतोष कुमार यादव, सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग