सावन मास भगवान शिव को सबसे प्रिय है। इस मास में भगवान शिव अपने भोले भक्तों पर जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं और सदैव उनकी रक्षा करते हैं। भोलेनाथ के रक्षा कवच के लिए शिवाष्टकम् का नियमित पाठ करें, भोलेनाथ आठों दिशाओं से भक्तों की रक्षा करते हैं।

शिवाष्टकम्

सावन विशेष: भगवान शिव का रक्षा कवच आठों दिशाओं से करेगा आपकी रक्षा,करें नियमित पाठ

तस्मै नमः परमकारणकारणाय दीप्तोज्ज्वलज्ज्वलितपिङ्गललोचनाय

नागेन्द्रहारकृतकुण्डलभूषणाय ब्रह्मेन्द्रविष्णुवरदाय नमः शिवाय.1

श्रीमत्प्रसन्नशशिपन्नगभूषणाय शैलेन्द्रजावदनचुम्बितलोचनाय

कैलासमन्दरमहेन्द्रनिकेतनाय लोकत्रयार्तिहरणाय नमः शिवाय.2

पद्मावदातमणिकुण्डलगोवृषाय कृष्णागरुप्रचुरचन्दनचर्चिताय

भस्मानुषक्तविकचोत्पलमल्लिकाय नीलाब्जकण्ठसदृशाय नमःशिवाय.3

लम्बत्सपिङ्गलजटामुकुटोत्कटाय दंष्ट्राकरालविकटोत्कटभैरवाय

व्याघ्राजिनाम्बरधराय मनोहराय त्रैलोक्यनाथनमितायनमःशिवाय .4

सावन विशेष: भगवान शिव का रक्षा कवच आठों दिशाओं से करेगा आपकी रक्षा,करें नियमित पाठ

दक्षप्रजापतिमहामखनाशनाय क्षिप्रं महात्रिपुरदानवघातनाय

ब्रह्मोर्जितोर्ध्वगकरोटिनिकृन्तनाय योगाययोगनमितायनमःशिवाय .5

संसारसृष्टिघटनापरिवर्तनाय रक्षःपिशाचगणसिद्धसमाकुलाय

सिद्धोरगग्रहगणेन्द्रनिषेविताय शार्दूलचर्मवसनाय नमःशिवाय .6

भस्माङ्गरागकृतरूपमनोहराय सौम्यावदातवनमाश्रितमाश्रिताय

गौरीकटाक्षनयनार्धनिरीक्षणाय गोक्षीरधारधवलाय नमःशिवाय .7

आदित्यसोमवरुणानिलसेविताय यज्ञाग्निहोत्रवरधूमनिकेतनाय

ऋक्सामवेदमुनिभिः स्तुतिसंयुताय गोपायगोपनमिताय नमःशिवाय .8

शिवाष्टकमिदं पुण्यंयः पठेत् शिवसन्निधौ. शिवलोकमवाप्नोति शिवेन सह मोदते..

.. इति श्रीशङ्कराचार्यकृतं शिवाष्टकं सम्पूर्णम्.

— ज्योतिषाचार्य पंडित श्रीपति त्रिपाठी

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