- पंचायत उद्योगों में घोटाला करने पर सीडीओ के निर्देश पर हुई कार्रवाई

- इज्जत नगर थाने में दर्ज है धोखाधड़ी, गबन व साजिश की रिपोर्ट

हॉफ कॉलम- प्रबंधक, लिपिक तथा फर्म के तीन कर्मचारियों को गोलमाल में शामिल होना बताकर किया नामजद

बरेली : पंचायत उद्योगों में 75 लाख के घोटाले में फंसे प्रबंधक योगेंद्र पाल सिंह पर कार्रवाई का शिकंजा कसता जा रहा है. डीपीआरओ ने प्रबंधक सहित पांच को नामजद करते हुए इज्जत नगर थाने में साजिश रचकर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है. वहीं, सीडीओ ने निलंबन की संस्तुति के साथ तथा सरकारी धन के गबन की वसूली की कार्रवाई रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं.

विप में मामला उठने से पकड़ा तूल

दरअसल विधान परिषद की समिति के सामने मामला उठने पर अब आला अफसर कोई कसर बाकी नहीं छोड़ना चाहते हैं. प्रशासन की छवि साफ करने के लिए गबन के मामले को शासन के सामने रखने का निर्णय लिया है. देर रात सीडीओ ने आरोपित प्रबंधक व उसके घोटाले में शामिल लोगों पर एफआइआर दर्ज कराने के निर्देश दिए. जिस पर डीपीआरओ ने रात सवा बजे इज्जत नगर थाने में प्रबंधक योगेंद्र पाल सिंह, खलीलपुर के जवाहर पंचायत उद्योग के लिपिक परमेश्वरी दयाल, सिंह ट्रेडर्स के कर्मचारी कमलजीत सिंह, कुलदीप व जोगेंद्र पर मुकदमा दर्ज कराया. सुबह आरोपित प्रबंधक के निलंबित की संस्तुति शासन से करने के साथ वसूली कार्रवाई में अफसर जुट गए.

तहरीर में घोटाले का जिक्र

तहरीर के मुताबिक, प्रबंधक योगेंद्र पाल सिंह ने वर्ष 2016-17 में बहेड़ी के उद्योग में 31,43,729.62 रुपये तथा खलीलपुर के उद्योग में 43,29,028 का गबन किया. अपने बेटे के नाम से सिंह ट्रेडर्स फर्म बनाकर गोलमाल किया. बिना अनुमति सफाईकर्मी को संबद्ध किया. सफाईकर्मियों खातों में पहले रकम डाली फिर निकालकर हेराफेरी की. इस काम के बदले उन्हें प्रतिमाह 2500 रुपये मानदेय भी दिया. पत्‍‌नी के नाम गोदाम को किराए पर देकर सरकारी खजाना खाली किया. डीपीआरओ के निरीक्षण में इसकी पोल खुलने पर खर्च का हिसाब तथा आरोपों पर जवाब नहीं दिया. जिस पर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है.

वर्जन--

प्रबंधक योगेंद्र पाल 75 लाख के घोटाले साथियों के साथ मिलकर करने पर रिपोर्ट दर्ज कराई है. अब प्रबंधक के निलंबन व वसूली की संस्तुति की रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है.

--सत्येंद्र कुमार, सीडीओ.