छ्वन्रूस्॥श्वष्ठक्कक्त्र : मानगो को फुल लोड बिजली के तौर पर 70 मेगावाट चाहिए. लेकिन, तकरीबन 35 मेगावाट बिजली रोज कम मिल रही है. इस वजह से झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड गैर जुस्को कमांड एरिया में जमकर बिजली कटौती कर रहा है. मानगो में सुबह 11 बजे बिजली कटौती हुई तो दोपहर बाद दो बजे आई. दरअसलजमशेदपुर में इन दिनों बिजली कटौती का दौर चल रहा है. गैर कंपनी इलाके में बिजली कटौती हो रही है.

जारी रहेगी कटौती

झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के अधिकारियों का कहना है कि ये बिजली कटौती अभी लगातार कई दिनों तक चलेगी. अधिकारियों रात में होने वाली बिजली कटौती लोगों पर भारी पड़ रही है. मच्छरों के चलते लोग सो नहीं पा रहे जिससे छात्रों और दफ्तरों में काम करने वालों को परेशानी होती है. दुकानदार भी ये परेशानी झेल रहे हैं.

इलाका वाइज हो रही लोड शेडिंग

अगर मानगो में कालीमंदिर फीडर चालू हुआ तो शंकोसाई की तरफ बिजली काट दी गई. इसी तरह, झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड अगर बिरसानगर में बिजली आपूर्ति कर रहा है तो शास्त्रीनगर में बिजली कटौती हो रही है. सुंदरनगर में बिजली दी जा रही है तो मानगो में कटौती हो रही है. बिजली कटौती से लोग आजिज आ गए हैं. बिजली विभाग के अधिकारी भी इसे तेनुघाट की समस्या बता कर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं.

150 हैंड पंपों से एक बूंद पानी नहीं, गहरा रहा पेयजल संकट

शहर में गर्मी शुरू होते ही जल संकट की शुरुआत हो गई है. मानगो की बस्तियों में पानी के लिए रोना शुरू हो गया है. मानगो में कुल 450 के आसपास हैंडपंप हैं. भू-गर्भ जल स्तर नीचे सरक रहा है और हैंडपंप जवाब दे रहे हैं. ऐसे में मानगो अक्षेस ने अपने इलाके में खराब हो चुके हैंडपंप का सर्वे करने के लिए एक टीम बना दी है. लेकिन मानगो अक्षेस (एमएनएसी) के पास हैंडपंप की मरम्मत के मद में पैसे की कमी है. एमएनएसी के पास हैंडपंप की मरम्मत कराने के लिए महज एक लाख रुपये ही हैं. अगर नगर विकास विभाग से आवंटन नहीं मिला तो इस गर्मी में भी बस्तीवासी पेयजल के लिए तरसेंगे.

टैंकर से होगी सप्लाई

मानगो अक्षेस ने जल संकट के दौरान बस्तियों में पानी पहुंचाने का बंदोबस्त कर लिया है. इन बस्तियों में टैंकर से पानी पहुंचाया जाएगा. मानगो अक्षेस ने इसके लिए दो छोटे नए टैंकर लिए हैं. इसके अलावा, जल्द ही डिमना चौक और मानगो चौक पर अक्षेस मारवाड़ी युवा मंच के सहयोग से पानी की मशीन लगाने जा रहा है.