- सीबीएसई 10वीं और 12वीं की कॉपियां चेक करने के लिए नहीं भेजे थे टीचर

- टीचर्स को रिलीव न करने वाले स्कूलों पर बोर्ड ने लगाया 50-50 हजार रुपए जुर्माना

बरेली : निजी स्कूलों को मूल्यांकन के लिए शिक्षकों को नहीं भेजना भारी पड़ गया। निर्देशों की नाफरमानी पर सीबीएसई बोर्ड ने जिले के करीब आठ निजी स्कूलों परकड़ी कार्रवाई की है। प्रति स्कूल 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। कार्रवाई की जद में नामचीन स्कूल भी शामिल हैं। जिससे इन स्कूलों के संचालकों में खलबली मची है। अब जुर्माने से बचने के लिए बोर्ड को जवाब देने में लगे हैं।

जिले में बनाए गए 12 केंद्र

दरअसल सीबीएसई के क्लास 10 और 12 की परीक्षाओं की कॉपियों के मूल्यांकन के लिए जिले में 12 केंद्र बनाए है। निजी स्कूलों के दो या तीन टीचर्स को एग्जामिनर बनाकर कॉपियां चेक करने की जिम्मेदारी सौंपी। लेकिन संबंधित स्कूलों ने अपने टीचर्स को मूल्यांकन के लिए रिलीव नहीं किया। जब केंद्रों के नोडल अफसरों ने इसकी शिकायत की तो बोर्ड ने कड़ा एक्शन ले लिया। टीचर्स को रिलीव न करने वाले सभी स्कूलों पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।

15 अप्रैल तक पूरा होना है मूल्यांकन

बोर्ड एग्जाम की कॉपियों का मूल्यांकन अभी चल रहा है। मूल्यांकन का काम 15 अपै्रल तक पूरा करना है। टीचर्स न मिलने के चलते मूल्यांकन पर भी असर पड़ा है। फिलहाल सभी मूल्यांकन केंद्रों पर कॉपी चेकिंग का काम निर्धारित समय में पूरा करने के प्रयास में टीचर लगे हुए हैं। मूल्यांकन का काम पूरा होने के बाद रिजल्ट जारी करने की तैयारी बोर्ड शुरू करेगा।

वर्जन-

बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन के लिए परीक्षक नहीं भेजने वाले स्कूलों पर 50-50 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। आठ स्कूलों पर जुर्माने की कार्रवाई हुई है।

दीपक अग्रवाल, सीबीएसई को-ऑर्डिनेटर